पांवटा साहिब (सिरमौर)। ओवरलोडिंग से प्रदेश सरकार को रोज लाखों का चूना लग रहा है। 15 टन पास वाहनों में 25 से 30 टन रेत बजरी जा रही है। हिमाचल में ओवरलोडिंग को रोकने वाला कोई है। उत्तराखंड जाने वाले वाहनों के लिए हिमाचल की सीमा पर भार तोलने के लिए कोई कांटा मशीन नहीं है। ऐसे में 15 टन की जगह दोगुना भार ले जाने पर कोई पता नहीं चल पाता। ओवरलोडिंग के इस गोलमाल का खुलासा वीरवार को पूरी तरह से हो गया। जब उत्तराखंड में एक कड़क अधिकारी ने कुल्हाल बैरियर के समीप ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया। जिससे हिमाचल के करीब 5 किमी क्षेत्र में जगह-जगह 300 से अधिक ट्राले व ट्रक सड़कों के किनारे दोनो तरफ खड़े
हो गई। एक ट्रक के परिचालक ने कहा कि उत्तराखंड का कोई सख्त अधिकारी आया है। जो ओवरलोडिंग को कतई बर्दाश्त नहीं कर रहा है। बुधवार शाम से नाका लगा रखा है। जिसके बाद वीरवार को हिमाचल से उत्तराखंड जाने वाले सैकड़ों ट्रक दिन भर पांवटा के आसपास सड़क किनारे खड़े रहे। पांवटा कन्या स्कूल के पास दोनों तरफ ट्रक पार्क होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पांवटा निवासी रणदेव शर्मा, मोहित सैनी, धीरज सिंह, फतेह सिंह चौहान, कार्तिक, आत्मा राम व शुभम ने कहा कि यही हाल पांवटा के यमुनाघाट बैरियर से लेकर विश्व कर्मा चौक तक रहा। उत्तराखंड के अफसर की कार्रवाई से पांवटा में चल रहे ओवरलोडिंग के खेल का भी पूरी तरह से खुलासा हो गया है। उधर, एएसपी सिरमौर वीरेन्द्र ठाकुर ने कहा कि खनन ट्रकों की ओवरलोडिंग का अधिकार आरटीओ को है। यदि ऐसा कुछ हो रहा है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों के नोटिस में लाया जाएगा।