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Shimla News: बच्चों की जान से खिलवाड़, स्कूल की निजी टैक्सियों में ओवरलोडिंग
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कॉमन इंट्रो
राजधानी में स्कूल खुलते ही चहल पहल बढ़ने लगी है। वहीं कई टैक्सी चालक स्कूली बच्चों की जान से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर टैक्सियों में ओवरलोडिंग की जा रही है। सोमवार को शहर के ऑकलैंड और हिमलैंड क्षेत्र में कुछ ऐसी ही लापरवाही देखने को मिली। पेश है संवाददाता अनिल पंवार की रिपोर्ट :-
चालक पुलिस की नाक तले उड़ा रहे नियमों की धज्जियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए अभिभावकों ने महंगे किराये पर टैक्सियों की सुविधा तो ले रखी है लेकिन इनमें भी उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। कई टैक्सी चालक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। सुबह और शाम दोनों वक्त टैक्सियों में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है।
बच्चों को चढ़ाते और उतारते समय भी लापरवाही बरती जा रही है। सोमवार को शहर के कई स्कूलों के बाहर लापरवाही भरा नजारा देखने को मिला। दोपहर 3:10 बजे ऑकलैंड टनल के पास कई निजी स्कूलों के बच्चे टैक्सियों में बैठने के लिए पहुंचे थे। मौके पर बारी-बारी कई टैक्सियां पहुंचीं और बच्चों को बिठाना शुरू कर दिया। इस दौरान कई टैक्सी चालकों ने सीटिंग क्षमता से ज्यादा बच्चों को टैक्सियों में भर दिया। स्कूलों से चंद मीटर दूर हो रही इस ओवरलोडिंग को कोई रोकने वाला नहीं था। कई चालक ऐसे भी थे जो स्टॉपेज की बजाय सड़क पर ही टैक्सियां खड़ी कर बच्चों को चढ़ा रहे थे। इससे ऑकलैंड टनल से आरकेएमवी सड़क पर जाम भी लग गया। मौके पर एक पुलिस जवान तैनात था जो सिर्फ यातायात बहाल करता नजर आया। टैक्सी चालक पुलिस के ठीक सामने ओवरलोडिंग करके चले गए।
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सर्कुलर रोड पर भी टूट रहे नियम
शहर के सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास भी इसी तरह की लापरवाही देखने को मिली। यहां पर भी बच्चों को लेने आए टैक्सी चालक ओवरलोडिंग करते नजर आए। कुछ बच्चे बसों में सवार हुए। बसों में भी भारी ओवरलोडिंग के बीच ही इन्हें सफर करना पड़ा। शहर में कई अफसरों की सरकारी गाड़ियां भी उनके लाडलों को लाने ले जाने के काम में लगी हैं। सर्कुलर रोड के अलावा ज्यादातर निजी स्कूलों के बाहर छुट्टी से पहले ही अफसरों की गाड़ियां सड़क पर खड़ी हो रही हैं। पुलिस इनके चालान तक नहीं काटती। लोगों का कहना है कि सरकारी पैसे और मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है। यह जनता के पैसों की बर्बादी है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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राजधानी में स्कूल खुलते ही चहल पहल बढ़ने लगी है। वहीं कई टैक्सी चालक स्कूली बच्चों की जान से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर टैक्सियों में ओवरलोडिंग की जा रही है। सोमवार को शहर के ऑकलैंड और हिमलैंड क्षेत्र में कुछ ऐसी ही लापरवाही देखने को मिली। पेश है संवाददाता अनिल पंवार की रिपोर्ट :-
चालक पुलिस की नाक तले उड़ा रहे नियमों की धज्जियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए अभिभावकों ने महंगे किराये पर टैक्सियों की सुविधा तो ले रखी है लेकिन इनमें भी उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। कई टैक्सी चालक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। सुबह और शाम दोनों वक्त टैक्सियों में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है।
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बच्चों को चढ़ाते और उतारते समय भी लापरवाही बरती जा रही है। सोमवार को शहर के कई स्कूलों के बाहर लापरवाही भरा नजारा देखने को मिला। दोपहर 3:10 बजे ऑकलैंड टनल के पास कई निजी स्कूलों के बच्चे टैक्सियों में बैठने के लिए पहुंचे थे। मौके पर बारी-बारी कई टैक्सियां पहुंचीं और बच्चों को बिठाना शुरू कर दिया। इस दौरान कई टैक्सी चालकों ने सीटिंग क्षमता से ज्यादा बच्चों को टैक्सियों में भर दिया। स्कूलों से चंद मीटर दूर हो रही इस ओवरलोडिंग को कोई रोकने वाला नहीं था। कई चालक ऐसे भी थे जो स्टॉपेज की बजाय सड़क पर ही टैक्सियां खड़ी कर बच्चों को चढ़ा रहे थे। इससे ऑकलैंड टनल से आरकेएमवी सड़क पर जाम भी लग गया। मौके पर एक पुलिस जवान तैनात था जो सिर्फ यातायात बहाल करता नजर आया। टैक्सी चालक पुलिस के ठीक सामने ओवरलोडिंग करके चले गए।
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सर्कुलर रोड पर भी टूट रहे नियम
शहर के सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास भी इसी तरह की लापरवाही देखने को मिली। यहां पर भी बच्चों को लेने आए टैक्सी चालक ओवरलोडिंग करते नजर आए। कुछ बच्चे बसों में सवार हुए। बसों में भी भारी ओवरलोडिंग के बीच ही इन्हें सफर करना पड़ा। शहर में कई अफसरों की सरकारी गाड़ियां भी उनके लाडलों को लाने ले जाने के काम में लगी हैं। सर्कुलर रोड के अलावा ज्यादातर निजी स्कूलों के बाहर छुट्टी से पहले ही अफसरों की गाड़ियां सड़क पर खड़ी हो रही हैं। पुलिस इनके चालान तक नहीं काटती। लोगों का कहना है कि सरकारी पैसे और मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है। यह जनता के पैसों की बर्बादी है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।