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Shimla News: प्लॉट खाली करने के लिए काट दिए 110 से ज्यादा छोटे-बड़े पेड़

Fri, 21 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 11:59 PM IST
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Over 110 trees of various sizes cut down to clear the plot.
अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
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राजधानी के पंथाघाटी क्षेत्र का मामला, वन विभाग ने काटी करीब 20 लाख की डैमेज रिपोर्ट, नगर निगम को भेजी
बिना अनुमति निजी भूमि से पेड़ काटने का आरोप
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी के पंथाघाटी क्षेत्र में एक भूमि मालिक ने अपनी जमीन पर खड़े 110 से ज्यादा छोटे-बड़े हरे पेड़ काट दिए। प्लॉट खाली करने के लिए झाड़ियों के साथ दर्जनों हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई। अब भूमि मालिक के खिलाफ नगर निगम कोर्ट में केस चलेगा। वन विभाग ने इस मामले में 20 लाख की डैमेज रिपोर्ट (डीआर) काटी है।


वन विभाग ने डैमेज रिपोर्ट सहित इसकी पूरी फाइल तैयार कर नगर निगम को भेज दी है। निगम ने इस पर सुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है। सितंबर के पहले हफ्ते से इस सनसनीखेज मामले पर सुनवाई शुरू होने जा रही है। शहर में नगर निगम की परिधि में एक साथ इतने पेड़ों को काटे जाने का यह पहला मामला है। नगर निगम के अनुसार यह कटान कुछ माह पहले हो चुका है। भूमि मालिक ने प्लॉट खाली करने के लिए झाड़ियों के साथ विभिन्न प्रजातियों के छोटे-बड़े पेड़ काट दिए। नियमाें के अनुसार निजी जमीन पर भी यदि पेड़ काटने हैं तो इसके लिए वन विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य है। भूमि मालिक ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली। कुछ दिन बाद शिकायत वन विभाग के पास पहुंची जिसके बाद टीम मौके पर भेजी गई। टीम को 110 से ज्यादा छोटे-बड़े पेड़ कटे मिले। विभाग ने इसका आकलन कर करीब 20 लाख रुपये की डैमेज रिपोर्ट काट दी। रिपोर्ट सुनवाई के लिए नगर निगम को भेज दी। शहर में नगर निगम ही वन कटान से जुड़े मामलों पर अंतिम सुनवाई करता है।
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निगम ने वापस भेजी रिपोर्ट, अब सुनवाई का फैसला
नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त की अदालत में इस केस की सुनवाई शुरू करने के लिए वन विभाग ने कुछ हफ्ते पहले फाइल भेजी थी। इसे नगर निगम ने यह तर्क देकर लौटा दिया कि निगम सिर्फ 10 लाख रुपये तक की डीआर वाले मामले की सुनवाई कर सकता है। वन विभाग ने दूसरी बार फिर निगम को फाइल भेजी। निगम ने इसे भी वापस कर दिया। अब वन विभाग ने नियम स्पष्ट करते हुए फिर फाइल भेजी है जिसमें कहा है कि निगम निजी भूमि पर पेड़ कटाने से जुड़े मामलों की सुनवाई कर सकता है। दस लाख से ज्यादा की डीआर का नियम सरकारी भूमि से जुड़े मामलों पर लागू होता है। ऐसे में अब निगम ने इस मामले की सुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की अदालत में सितंबर से इस मामले की सुनवाई शुरू होगी।
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अहम इनसेट

जमीन बेचने, मकान बनाने, धूप के लिए काट रहे पेड़
शहर में कई लोग अपना प्लॉट खाली कर इसे बेचने और कुछ लोग भवन निर्माण के लिए पेड़ काट रहे हैं। नियमों के अनुसार खड़े पेड़ को गिराकर शहर में भवन निर्माण की अनुमति नहीं है। नगर निगम के पास ऐसे भी मामले आए हैं जिनमें पेड़ या इनकी टहनियां सिर्फ इसलिए काटी जा रही हैं कि इनसे भवनों की धूप रुक रही है। निगम कोर्ट इन पर सुनवाई कर जुर्माना लगाता है। दोषी पाए जाने पर भवन का नक्शा रद्द करने से लेकर जेल तक का प्रावधान है।
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