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Shimla News: संजौली में बिना नक्शे के बनी एक मंजिल तोड़ने के आदेश
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एमसी आयुक्त कोर्ट ने सुनाया फैसला
अवैध निर्माण से जुड़े 52 मामलों पर हुई सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के संजौली क्षेत्र में अवैध रूप से बने एक मंजिला मकान को तोड़ने के आदेश जारी हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत में शनिवार को बिना नक्शे के बने इस मकान को तोड़ने के आदेश जारी किए।
नगर निगम के अनुसार मकान मालिक ने नक्शा पास करवाए बिना ही इस मकान का निर्माण कर दिया था। निर्माण के दौरान भी इसे काम रोकने के आदेश जारी किए थे। लेकिन इसने काम जारी रखा। कोर्ट में अवैध निर्माण से जुड़े 52 मामलों पर सुनवाई हुई है। इनमें जाखू और लक्कड़ बाजार में दो भवन मालिकों को छत की ऊंचाई बढ़ाने पर इसे गिराने के आदेश दिए हैं। दोनों को बिना अनुमति बढ़ाई गई छत तोड़नी होगी। दो भवन मालिकों ने अवैध रूप से खड़े किए पिलर तोड़ने की रिपोर्ट कोर्ट में दी। इनके मामले अब रद्द किए गए हैं। न्यू शिमला में एक भवन मालिक ने रिहायशी मकान में व्यावसायिक गतिविधियां चला दी थीं। नगर निगम ने पिछली सुनवाई में इसका बिजली पानी काटने के आदेश दिए थे। इस बार सुनवाई में भवन मालिक ने रिपोर्ट दी कि उसने व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी हैं। कोर्ट में बाकी मामलों पर भी सुनवाई हुई। इन पर अगली सुनवाई में फैसला सुनाया जा सकता है।
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अवैध निर्माण से जुड़े 52 मामलों पर हुई सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के संजौली क्षेत्र में अवैध रूप से बने एक मंजिला मकान को तोड़ने के आदेश जारी हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत में शनिवार को बिना नक्शे के बने इस मकान को तोड़ने के आदेश जारी किए।
नगर निगम के अनुसार मकान मालिक ने नक्शा पास करवाए बिना ही इस मकान का निर्माण कर दिया था। निर्माण के दौरान भी इसे काम रोकने के आदेश जारी किए थे। लेकिन इसने काम जारी रखा। कोर्ट में अवैध निर्माण से जुड़े 52 मामलों पर सुनवाई हुई है। इनमें जाखू और लक्कड़ बाजार में दो भवन मालिकों को छत की ऊंचाई बढ़ाने पर इसे गिराने के आदेश दिए हैं। दोनों को बिना अनुमति बढ़ाई गई छत तोड़नी होगी। दो भवन मालिकों ने अवैध रूप से खड़े किए पिलर तोड़ने की रिपोर्ट कोर्ट में दी। इनके मामले अब रद्द किए गए हैं। न्यू शिमला में एक भवन मालिक ने रिहायशी मकान में व्यावसायिक गतिविधियां चला दी थीं। नगर निगम ने पिछली सुनवाई में इसका बिजली पानी काटने के आदेश दिए थे। इस बार सुनवाई में भवन मालिक ने रिपोर्ट दी कि उसने व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी हैं। कोर्ट में बाकी मामलों पर भी सुनवाई हुई। इन पर अगली सुनवाई में फैसला सुनाया जा सकता है।
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