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Shimla News: राजधानी के भराड़ी में असुरक्षित मकान को तुरंत गिराने के आदेश

Wed, 12 Aug 2026 11:54 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:54 PM IST
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Orders issued to immediately demolish an unsafe house in the capital's Bharari area.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने जारी किया नोटिस, 17 अगस्त तक मकान न गिराया तो खुद हथौड़ा चलाएगा नगर निगम
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असुरक्षित भवन से साथ लगते कई मकानों को है खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के भराड़ी में असुरक्षित घोषित किए गए एक मकान को तुरंत गिराने के आदेश जारी हुए हैं। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद नगर निगम ने 17 अगस्त तक मकान मालिक को मौके पर बना जर्जर मकान गिराने को कहा है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो नगर निगम खुद इसे गिराएगा। ऐसे में मकान मालिक से इसे गिराने का खर्च भी वसूला जाएगा।
नगर निगम के अनुसार भराड़ी में एक पुराना मकान जर्जर हालत में है। निरीक्षण के बाद इसे असुरक्षित घोषित किया था। यह पिछले काफी समय से खाली भी पड़ा है। नगर निगम ने इसे अनसेफ घोषित कर तुरंत गिराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, मकान मालिक ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। इस मकान से आसपास रहने वाले लोगों और दूसरे घरों को भी खतरा है। इसलिए स्थानीय लोग भी इसे गिराने की मांग कर रहे हैं। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जिसके बाद कोर्ट ने इसे गिराने का आदेश दिया है। नगर निगम के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश मिलने के बाद संबंधित मकान मालिक को भी इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट के आदेशों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। नगर निगम वास्तुकार राजेश शर्मा ने कहा कि भराड़ी में असुरक्षित घोषित मकान को गिराने के आदेश दिए हैं। यदि मालिक ने ऐसा नहीं किया तो निगम खुद इसे गिरा देगा।
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राजधानी में 150 से ज्यादा असुरक्षित मकान
शिमला शहर में 150 से ज्यादा असुरक्षित और जर्जर मकान खड़े हैं। इनमें कई मकान ऐसे हैं, जिन्हें पांच से सात साल पहले असुरक्षित घोषित कर गिराने के आदेश जारी हो चुके हैं। हालांकि, इन मकानों में रहने वाले लोगों और किरायेदारों ने ऊपरी अदालत में जाकर निगम के आदेशों पर स्टे ले रखा है। ऐसे में यह मकान अभी तक नहीं गिराए जा सके हैं।नगर निगम हर साल बरसात के दौरान खतरे को देखते हुए इन मकानों को खाली करने के लिए लोगों को नोटिस देता है, लेकिन ज्यादातर लोग इन पर अमल नहीं करते। यही कारण है कि शहर के कोर एरिया लोअर बाजार, मिडिल बाजार, रामबाजार और सब्जी मंडी के बीचोंबीच भी कई अनसेफ मकान खड़े हैं। यह साथ लगते अन्य मकानों के लिए भी खतरा बन गए हैं। कुछ दिन पहले शांकली में भी एक मकान दरक गया था। इसका मलबा साथ लगते रास्ते पर पहुंच रहा है।
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नगर निगम की तकनीकी टीम करती है निरीक्षण
शहर में नगर निगम आवेदन मिलने के बाद भवनों को असुरक्षित घोषित करता है। इसके लिए संयुक्त आयुक्त और निगम वास्तुकार की अगुवाई में तकनीकी टीम मौके पर जाकर भवनों का निरीक्षण करती है। यदि मरम्मत के बाद भी भवन रहने लायक नहीं बन सकता या दूसरों के लिए खतरा है तो ऐसे भवनों को कमेटी असुरक्षित घोषित कर देती है। असुरक्षित घोषित होने के बाद निगम संबंधित भवन मालिक को इसे गिराने के आदेश देता है। इसे गिराने की जिम्मेदारी और खर्च दोनों भवन मालिक की होती है।
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