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Shimla News: मोहाली प्राधिकरण से 5 लाख वसूलने के आदेश
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फ्लैट खरीदने के लिए दी यह बयाना राशि
उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला, अदालती खर्च भी देना होगा
दीपक मेहता
शिमला। जिला उपभोक्ता आयोग ने पंजाब के ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जीएमएडीए) से बयाना राशि वसूलने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता विदुषी सूद के हक में फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने यह आदेश पारित किए।
आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता मुआवजे और मुकदमेबाजी शुल्क की भी हकदार है, इसलिए प्राधिकरण को 45 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को 50,000 एकमुश्त राशि का भुगतान करने के भी निर्देश दिए हैं। राजधानी के मालरोड निवासी शिकायतकर्ता विदूषी सूद ने पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट-तीन, सेक्टर 88, मोहाली में एक फ्लैट बुक करवाया था। फ्लैट की कीमत 47.60 लाख रुपये थी और बुकिंग (बयाना या गिरवी) के लिए प्राधिकरण को 5 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया था। इसके बाद प्राधिकरण ने शिकायतकर्ता के पक्ष में 25 जनवरी 2016 को फ्लैट आवंटित किया। शर्तों के अनुसार शिकायतकर्ता ने 29 मार्च 2016 को आरटीजीएस के माध्यम से 10,78,000 और उसके बाद 36,82,000 भेजे। लेकिन दोनों आरटीजीएस किसी तकनीकी त्रुटि के कारण यूको बैंक से वापस आ गए। दरअसल शिकायतकर्ता ने संबंधित फ्लैट की खरीद के लिए यूको बैंक से ऋण लिया था लेकिन बैंक ने शिकायतकर्ता के ऋण मामले को आगे संसाधित नहीं किया। ऋण अस्वीकार कर दिया गया। इस कारण शिकायतकर्ता के पास संबंधित फ्लैट खरीदने के लिए धन की कमी हो गई। दावा किया कि शिकायतकर्ता ने फ्लैट खरीदने के लिए राशि की व्यवस्था करने का प्रयास किया था लेकिन वह इसकी व्यवस्था नहीं कर सकी। इसके बाद वित्तीय बाधाओं के कारण शिकायतकर्ता ने प्राधिकरण से बयाना राशि वापस करने का आग्रह किया था लेकिन शिकायतकर्ता की बयाना राशि जब्त कर ली है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में गुहार लगाई। अब आयोग ने शिकायतकर्ता के हक में फैसला सुनाया है।
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उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला, अदालती खर्च भी देना होगा
दीपक मेहता
शिमला। जिला उपभोक्ता आयोग ने पंजाब के ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जीएमएडीए) से बयाना राशि वसूलने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता विदुषी सूद के हक में फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने यह आदेश पारित किए।
आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता मुआवजे और मुकदमेबाजी शुल्क की भी हकदार है, इसलिए प्राधिकरण को 45 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को 50,000 एकमुश्त राशि का भुगतान करने के भी निर्देश दिए हैं। राजधानी के मालरोड निवासी शिकायतकर्ता विदूषी सूद ने पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट-तीन, सेक्टर 88, मोहाली में एक फ्लैट बुक करवाया था। फ्लैट की कीमत 47.60 लाख रुपये थी और बुकिंग (बयाना या गिरवी) के लिए प्राधिकरण को 5 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया था। इसके बाद प्राधिकरण ने शिकायतकर्ता के पक्ष में 25 जनवरी 2016 को फ्लैट आवंटित किया। शर्तों के अनुसार शिकायतकर्ता ने 29 मार्च 2016 को आरटीजीएस के माध्यम से 10,78,000 और उसके बाद 36,82,000 भेजे। लेकिन दोनों आरटीजीएस किसी तकनीकी त्रुटि के कारण यूको बैंक से वापस आ गए। दरअसल शिकायतकर्ता ने संबंधित फ्लैट की खरीद के लिए यूको बैंक से ऋण लिया था लेकिन बैंक ने शिकायतकर्ता के ऋण मामले को आगे संसाधित नहीं किया। ऋण अस्वीकार कर दिया गया। इस कारण शिकायतकर्ता के पास संबंधित फ्लैट खरीदने के लिए धन की कमी हो गई। दावा किया कि शिकायतकर्ता ने फ्लैट खरीदने के लिए राशि की व्यवस्था करने का प्रयास किया था लेकिन वह इसकी व्यवस्था नहीं कर सकी। इसके बाद वित्तीय बाधाओं के कारण शिकायतकर्ता ने प्राधिकरण से बयाना राशि वापस करने का आग्रह किया था लेकिन शिकायतकर्ता की बयाना राशि जब्त कर ली है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में गुहार लगाई। अब आयोग ने शिकायतकर्ता के हक में फैसला सुनाया है।
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