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Shimla News: इंश्योरेंस कंपनी को 13.53 लाख रुपये देने के आदेश

Fri, 17 Oct 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 11:59 PM IST
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Order to pay Rs 13.53 lakh to the insurance company
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने सुनाया फैसला, 2020 में कोटखाई निवासी का बीमित भवन आग लगने से हो गया था क्षतिग्रस्त
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बीमा कंपनी ने दावे को कर दिया था खारिज
मानसिक तनाव, कोर्ट खर्च देने के भी आदेश
9 फीसदी ब्याज प्रति वर्ष की दर से करना होगा भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भवन मालिक को इंश्योरेंस क्लेम न देने पर जिला उपभोक्ता के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह की अदालत ने बीमा कंपनी पर जुर्माना लगाया है। कोटखाई निवासी हरि गोपाल स्तान का बीमाकृत भवन पांच साल पहले आग की भेंट चढ़ गया था। आयोग ने फैसले की सुनवाई में द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को 13,53,627 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही 50 हजार रुपये मानसिक तनाव और कोर्ट खर्च के भी देने होंगे। कंपनी ने भवन मालिक के दावे को खारिज कर दिया था।


आयोग में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता हरि गोपाल ने बताया कि उसने मानक अग्नि और विशेष आपदा नीति के तहत भवन और उसमें रखी सामग्री का बीमा 30 लाख रुपये में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से करवाया था। दुर्भाग्यवश 15 जनवरी 2020 को आग लगने के कारण भवन और फर्नीचर नष्ट हो गया। इंश्योरेंस कंपनी और पुलिस को भी घटना के बारे में सूचित किया था। इसके बाद बीमा कंपनी के सर्वेयर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर 41,25,700 नुकसान का आकलन किया था। नुकसान की भरपाई के लिए 37,13,130 की राशि वसूली जानी थी लेकिन कंपनी के सर्वेयर ने शिकायतकर्ता को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए बीमाकर्ता की देयता 4,80,738 की सिफारिश की थी। यह राशि शिकायतकर्ता को स्वीकार्य नहीं थी क्योंकि यह शिकायतकर्ता को हुए नुकसान की भरपाई के लिए बहुत कम थी। इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने सर्वेक्षक की रिपोर्ट, पॉलिसी की शर्तें और पक्षकारों के दावे का गहन अध्ययन करने के बाद फैसला सुनाया कि वास्तविक हर्जाना 13,53,627 है और बीमाकर्ता को यह राशि कंपनी को देनी होगी। बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह उपभोक्ता को 45 दिन के भीतर शिकायत दर्ज करने की तिथि से प्रति वर्ष नौ फीसदी ब्याज के साथ भुगतान करें।
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