बजट सत्र के आखिरी दिन विपक्ष का वाकआउट, पांच मिनट बाद सदन में लौटे सदस्य
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प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन सोमवार को विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया और पांच मिनट बाद ही सदस्य लौट आए। सदन में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मांग संख्या - 26 पर लाए कटौती प्रस्ताव पर अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने जब विधायक सुंदर सिंह ठाकुर से कहा कि सदस्य संक्षिप्त में अपनी बात रखें। मुख्यमंत्री ने कटौती प्रस्ताव पर जवाब भी देना है। विधायक ने जब अपनी बात जारी रखी तो सत्ता पक्ष की ओर से सदस्यों ने उनको बैठने के लिए कहना शुरू कर दिया। इसके बाद विपक्ष बुरी तरह से उखड़ गया। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री सहित अन्य कांग्रेस विधायक भी अपनी सीट पर खड़े होकर विरोध करने लगे और विरोध स्वरूप सदन से वाक आउट कर गए। करीब पांच मिनट बाद विपक्ष के सदस्य सदन में लौट आए।
विपक्ष के सदन से वाक आउट करते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस तरीके से विपक्ष ने जवाब सुने बिना सदन से वाकआउट किया है। सदन का इससे ज्यादा अपमान इससे पहले कभी नहीं हुआ। विपक्ष के नेता की बगल वाली सीट पर छह बार मुख्यमंत्री रहे सदस्य बैठते हैं। उनसे विपक्ष के सदस्यों को काफी कुछ सीखना चाहिए। जो भाषा सदन में इस्तेमाल की गई है, वह शर्मनाक है। लगता है कि विपक्ष के सदस्यों को कोई मार्गदर्शन करने वाला नहीं रहा। सदन में जवाब सुने बिना वाक आउट करने की कड़ी निंदा की जाती है। मैं सदन में पिछले 22 साल से आता रहा हूं, परंतु ऐसा पहले कभी नहीं देखा। विपक्ष जवाब सुनने के बाद कोई कदम उठाता को उचित होता।
विपक्ष ने मुख्यमंत्री को सदन में नहीं देने दिया मौखिक जवाब
राज्य विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जैसे ही पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मांग संख्या -26 के कटौती प्रस्ताव का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अब मौखिक जवाब नहीं दिया जा सकता। क्योंकि गिलोटिन लगा दिया गया है और मुख्यमंत्री अब सदन में लिखित जवाब देंगे। हालांकि मुख्यमंत्री कटौती प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए बोलना आरंभ कर चुके थे।
जैसे ही विपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री तय समय के बाद सदन में मौखिक जवाब नहीं दे सकते तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ठीक है मैं सदन को लिखित जवाब दे दूंगा। जैसे मुख्यमंत्री अपनी बात कहकर सीट पर विराजे तो विपक्ष के सदस्य भी शांति के साथ अपनी सीट पर बैठ गए। इससे पहले विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कटौती प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या कम हो रही है। यह चिंता का विषय है।
पर्यटन विकास बोर्ड और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के बोर्ड का गठन नहीं किया जा सका है। प्रदेश में पर्यटन के लिए एक्शन प्लान की जरूरत है। प्रदेश में हवाई अड्डे बनाने की बात कही जा रही थी परंतु अब हैलीपैड बनाए जा रहे हैं। उत्तराखंड में हिमाचल का एक अधिकारी चला गया है और उसने वहां हवाई पट्टियों का अच्छा कार्य करके दिखाया है।
जबकि भुंतर में रहते हुए उस अधिकारी की सेवाएं तक नहीं ली गईं। कुल्लू, मनाली और शिमला में विशेष गौर करने की जरूरत है। विधायक राकेश सिंघा ने कटौती प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यटक क्यों कम हो रहे हैं। इसके पीछे के कारणों को तलाशने की जरूरत है। इस दिशा में रिव्यू करने की जरूरत है।
बजट सत्र में बोले अग्निहोत्री
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सत्रावसान से पहले सदन में कहा - सत्र समापन की ओर जा रहा है। चुनाव के मद्देनजर सत्र छोटा हुआ। चाहे राज्यपाल का अभिभाषण था या कोई दूसरी कार्यवाही, हमने यह साबित किया कि हम कामकाज में विश्वास रखते हैं।
पहले भाजपा जब विपक्ष में थी तो पूरे के पूरे सत्र में कार्यवाही नहीं चलने देती थी। अग्निहोत्री बोले कि कभी किसी ने किसी ने कनकलूडिंग भाषण में मीहणा नहीं दिया। अब मुख्यमंत्री को गुस्सा आने लग गया है।
जबकि हमने तय किया है कि हम विरोध करेंगे। दुश्मनी नहीं करेंगे। आप तो नजर भी नहीं रखने दे रहे हैं। टेढ़े भी नहीं होने दे रहे हैैं। मुकेश अग्निहोत्री ने वीरभद्र की ओर इशारा करके कहा - हमारे साथ जो बैठे हैं वह छह दफा सीएम बने। ये गर्व की बात है। ये सुझाव देते हैं। कुछ मसले हैं, उनको हल करना बाकी है।