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शिमला: सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तीन बार हाजिरी का विरोध, राजकीय अध्यापक संघ ने मंत्री से उठाया मामला
Thu, 17 Sep 2026 08:03 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Sep 2026 08:03 PM IST
सार
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का शिष्टमंडल वीरवार को प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से सचिवालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष तीन बार उपस्थिति दर्ज कराने संबंधी अधिसूचना को वापस लेने की मांग रखी।
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राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षा मंत्री से की मुलाकात।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार हाजिरी लगाने के आदेश को लेकर हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने विरोध जताया है। संघ का कहना है कि शिक्षकों की उपस्थिति पहले ही अलग-अलग माध्यमों से दर्ज की जा रही है। ऐसे में तीन बार हाजिरी का प्रावधान शिक्षकों पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ डालने के साथ-साथ उनके प्रति अविश्वास का संदेश देता है। इसी मुद्दे को लेकर हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का शिष्टमंडल वीरवार को प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से सचिवालय में मिला।
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प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष तीन बार उपस्थिति दर्ज कराने संबंधी अधिसूचना को वापस लेने की मांग रखी। संघ ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षक पहले ही स्विफ्ट चैट, बायोमेट्रिक मशीन और उपस्थिति रजिस्टर के माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज कर रहे हैं। ऐसे में इसके अतिरिक्त दिन में तीन बार अलग से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। संघ ने कहा कि यदि उपस्थिति सुनिश्चित करना ही उद्देश्य है तो सभी सरकारी स्कूलों में एक समान व्यवस्था लागू होनी चाहिए और दो बार की हाजिरी पर्याप्त है।
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प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के साथ-साथ उन पर विश्वास बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में प्रधानाचार्य की भूमिका और प्रशासनिक गरिमा को भी मजबूत रखा जाना चाहिए। बार-बार हाजिरी लगाने की व्यवस्था के बजाय प्रधानाचार्य स्तर पर निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना चाहिए। बैठक में अध्यापक संघ ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में चल रही व्यवस्थाओं का मुद्दा भी उठाया। संघ ने शिक्षा मंत्री को डाइट की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न सुझाव दिए और कहा कि यहां कई स्तरों पर बुनियादी और संरचनात्मक बदलाव की जरूरत है। संघ ने डाइट को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव शिक्षा मंत्री के समक्ष रखे।
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मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाने का आश्वासन
संघ के अनुसार शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि तीन बार हाजिरी से जुड़े मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। संघ ने कहा कि शिक्षकों की मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए दो बार उपस्थिति की व्यवस्था लागू करने का आश्वासन भी दिया गया है।