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विपक्ष के सवालों ने इन्वेस्टर मीट का इरादा किया मजबूत: जयराम
Wed, 25 Sep 2019 09:22 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 25 Sep 2019 09:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि विपक्ष के सवालों ने इन्वेस्टर मीट का इरादा मजबूत किया है। बुधवार को शिमला में आयोजित पावर कॉनक्लेव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब इन्वेस्टर मीट करने की योजना बनाना शुरू की थी तो कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए।
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विपक्ष ने विधानसभा के भीतर और बाहर सरकार को कटघरे तक में खड़ा कर दिया। प्रदेश सरकार इससे घबराई नहीं। सवालों से और अच्छा करने का दृढ़ निश्चय किया। जिसके फलस्वरूप इन्वेस्टर मीट के लिए निवेश का आंकड़ा 75 हजार करोड़ पहुंच गया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने निवेशकों की हर शर्त मानी है। सालों से लंबित बिजली परियोजनाएं शुरू करने को कई नियमों में दी ढील दी गई। सरकार ने आवंटित परियोजनाओं के लिए 12 वर्षों की अवधि के लिए निशुल्क पॉवर रॉयल्टी को स्थगित किया।
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अपफ्रंट प्रीमियम तथा कैपेसिटी एडिशन चार्जिज में कमी की। स्टेट जीएसटी का 50 फीसदी भी छोड़ दिया। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि अब परिणाम देने का बारी आपकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एक प्रकृति सुविधा संपन्न राज्य है। यहां पांच नदियां बहने के चलते 23,500 मेगावाट से अधिक जल विद्युत ऊर्जा दोहन की क्षमता है।
इसे बढ़ाने के लिए अभी के सहयोग की अपेक्षा है। मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि जो निवेशक तय समय में बिजली परियोजनाओं को शुरू करेंगे। उन्हें प्रदेश सरकार अन्य परियोजनाएं भी आवंटित करेगी।