Mandi: जेबीटी टेट में बीएड डिग्रीधारकों को पात्र बनाने का डीएलएड प्रशिक्षुओं ने किया विरोध
जेबीटी प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहित ठाकुर और जेबीटी संघ की जिला मंडी की अध्यक्ष आरती कटारिया ने कहा कि जब बीएड और जेबीटी का दायरा अलग-अलग है तो जेबीटी के हकों को क्यों कुचला जा रहा है।
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जेबीटी टेट में बीएड डिग्रीधारकों को पात्र बनाने का प्रदेश में विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को डीएलएड प्रशिक्षुओं ने प्रदेश भर में कक्षाओं का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कहा कि जब तक सरकार बीएड को जेबीटी टेट से बाहर नहीं करेगी तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। जेबीटी प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहित ठाकुर और जेबीटी संघ की जिला मंडी की अध्यक्ष आरती कटारिया ने कहा कि जब बीएड और जेबीटी का दायरा अलग-अलग है तो जेबीटी के हकों को क्यों कुचला जा रहा है। जेबीटी टेट में बीएड को लाने से जेबीटी (डीएलएड) के हक को छीना जा रहा है।
प्रदेश में 4,000 से अधिक प्राइमरी स्कूल मात्र एक अध्यापक के सहारे हैं। प्रदेश में बेरोजगारी अब तक के उच्चतम स्तर पर है। ऐसे समय में इस तरह के फैसले न्यायोचित नहीं हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा बोर्ड का निर्णय गलत है। इस निर्णय से प्रदेश के 45,000 जेबीटी के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षा विभाग वर्ष 2018 की अधिसूचना का हवाला देकर बीएड को भर्ती में शामिल कर रही है जबकि इस अधिसूचना को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज किया है। हिमाचल में भी यह मामला हाईकोर्ट में पुनर्विचार के लिए लगा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 12 डाइट और 27 निजी कॉलेजों में कक्षाओं का बहिष्कार जारी रहेगा।