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प्रत्याशी को दुश्मन मानते हैं धूमल: वीरभद्र सिंह
Updated Wed, 26 Mar 2014 08:00 PM IST
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने अपने कार्यकाल में सत्ता का दुरूपयोग किया है। जब भी वह सत्ता में आए कांग्रेस के लोगों को कुचलने का ही काम किया।
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उन पर अनेकों केस किए गए, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में वह हर बार पाक साफ होकर निकले। उन्होंने कहा हम चुनाव में दूसरी पार्टी के लोगों को प्रतिद्वंद्धी मानते हैं। लेकिन, भाजपा के लोग दूसरी पार्टी के लोगों को अपना शत्रु मानते हैं।
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यह तानाशाही नहीं तो और क्या है। उन्होंने कहाकि धूमल शालीनता नहीं जानते। सत्ता के दौरान वह मुख्यमंत्री कम, थानेदार ज्यादा लगते थे। वीरभद्र रोज चुनौती का सामना करता है। उनके कंधे मजबूत है। वह नैतिकता में विश्वास रखते हैं।
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मुख्यमंत्री ने बुधवार को बिलासपुर में विभिन्न स्थानों पर चुनावी रैलियां की। उनके साथ हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा भी थे।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके कंधे मजबूत हैं। धूमल कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उनकी सोच है कि वीरभद्र सिंह पार्टी का मजबूत खूंटा है। खूटा उखाड़ो तो पार्टी कमजोर हो जाएगी। लेकिन, वह डरने वाले नहीं।
250 करोड़ की अवैध संपत्ति तैयार की धूमल ने
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जब क्रिकेट एसोसिएशन का गठन हिमाचल में हुआ। फिर इसी नाम से कानपुर में सोसायटी गठित हुई। बाद में इसे कंपनी में बदल दिया।
लगभग 250 करोड़ रुपये की संपति तैयार की गई। और इसके लाइफ टाइम मेंबर बनाए गए।
अपने परिवार और जालंधर के लोग इसमें जोड़े गए। वह स्वयं इसके पेट्रन बनें। नैतिकता के आधार पर उन्हें इसे कंपनी एक्ट में ट्रांसफर नहीं होने देना चाहिए था।
लेकिन, कैबिनेट में उनके रहते हुए इसे मंजूरी मिल गई। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत कहां से कहां तक पहुंचा है।
जब आजादी मिली तो आबादी 32 करोड़ थी। अब यह बढ़कर 120 करोड़ हो गई है। लेकिन, देश में कभी अनाज की कमी नहीं हुई। केंद्र सरकार की नीतियों के तहत आधुनिक तकनीक अपनाकर आज भी देश में अनाज की अच्छी पैदावार होती है।
समाज में न कोई छोटा है न कोई बढ़ा। ऊंच-नीच के भेदभाव कांग्रेस ने मिटाए हैं। हम एकीकरण की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में कई राजनीतिक पार्टियां है। जो सूर्योदय के साथ बनती है और सूर्यास्त के साथ खत्म हो जाती है।
लगभग 250 करोड़ रुपये की संपति तैयार की गई। और इसके लाइफ टाइम मेंबर बनाए गए।
अपने परिवार और जालंधर के लोग इसमें जोड़े गए। वह स्वयं इसके पेट्रन बनें। नैतिकता के आधार पर उन्हें इसे कंपनी एक्ट में ट्रांसफर नहीं होने देना चाहिए था।
लेकिन, कैबिनेट में उनके रहते हुए इसे मंजूरी मिल गई। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत कहां से कहां तक पहुंचा है।
जब आजादी मिली तो आबादी 32 करोड़ थी। अब यह बढ़कर 120 करोड़ हो गई है। लेकिन, देश में कभी अनाज की कमी नहीं हुई। केंद्र सरकार की नीतियों के तहत आधुनिक तकनीक अपनाकर आज भी देश में अनाज की अच्छी पैदावार होती है।
समाज में न कोई छोटा है न कोई बढ़ा। ऊंच-नीच के भेदभाव कांग्रेस ने मिटाए हैं। हम एकीकरण की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में कई राजनीतिक पार्टियां है। जो सूर्योदय के साथ बनती है और सूर्यास्त के साथ खत्म हो जाती है।