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लाखों लोगों का स्वास्थ्य दांव पर, सिर्फ एक अफसर से चल रहा काम

Sun, 30 Apr 2017 10:51 AM IST
रितेश गुलेरिया/अमर उजाला, बिलासपुर
रितेश गुलेरिया/अमर उजाला, बिलासपुर Updated Sun, 30 Apr 2017 10:51 AM IST
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Only one food safety officer in Chamba Himachal pradesh
हिमाचल प्रदेश सरकार

प्रदेश के बारह जिलों में सिर्फ चंबा में ही खाद्य निरीक्षक है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य वस्तुएं कैसे मिलेंगी। इसके चलते प्रदेश में दुकानों, स्कूलों, आंगनबाड़ी और कोर्ट में चल रहे मामलों की सुनवाई राम भरोसे चल रही है। 

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वहीं दुकानों, स्कूलों, रेहड़ी फड़ी आदि का निरीक्षण न होने से सैकड़ों लाइसेंस नहीं बन पा रहे हैं। जबकि मेलों और अन्य उत्सवों में तो लाइसेंस जारी ही नहीं हो पा रहे हैं। 
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हालांकि सरकार ने डेजिगनेटिड अधिकारी (डीओ) तो पूरे कर लिए हैं। लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियम अनुसार कोर्ट में मामलों की पैरवी और निरीक्षण का कार्य केवल खाद्य सुरक्षा अधिकारी ही पूरा कर सकता है। उल्लेखनीय है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 में साफ किया गया है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ही सैंपल भरने का कार्य करेंगे।
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वही पूरे मामले की पैरवी भी करेंगे। लेकिन प्रदेश में कुछ अधिकारी प्रमोट हो गए, वहीं कुछ रिटायर। ऐसे में चंबा जिला को छोड़कर कहीं भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं रह गया है। ऐसे में प्रदेश के लाखों लोगों का स्वास्थ्य राम भरोसे रह गया है। 

500 केसों की सुनवाई करने को नहीं कोई
बिलासुपर जिला की विभिन्न अदालतों और एडीएम के पास करीब 500 से अधिक मामले चल रहे हैं। लेकिन उनकी सुनवाई के दौरान पैरवी करने वाला कोई अधिकारी नहीं बचा है। 

कई मामले हो चुके हैं कोर्ट से खारिज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोर्ट में पैरवी न होने के कारण दर्जनों केस खारिज हो चुके हैं। इसमें से मंडी जिला में एक सत्तासीन पार्टी के एक नामी होटल के दो केस भी शामिल हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की ओर से पैरवी न होने के कारण खारिज हो चुके हैं। यह परेशानी खाद्य सुरक्षा अधिकारी न होने के कारण पेश आई। 

ये कार्य भी हो रहे हैं प्रभावित
खाद्य सुरक्षा अधिकारी न होने से जहां नए लाइसेंस नहीं बन रहे हैं। वहीं, खाद्य वस्तुओं के सैंपल भी नहीं भरे जा रहे हैं। इसके चलते कारोबारियों, स्कूलों में मिड डे मील, आंगनबाड़ी स्कूलों, मिल्क डेयरी, शराब के ठेकों सहित अन्य खाद्य यूनिटों का निरीक्षण भी लंबे समय से नहीं हो पा रहा है। 


इस संबंध में निदेशक खाद्य सुरक्षा अधिनियम रमन शर्मा ने भी माना कि उक्त समस्या पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में फाइल सरकार को भेजी गई है। जैसे ही सरकार की ओर से कोई आदेश आते हैं, उसी के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

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