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Shimla News: चेक बाउंस के मामले में एक साल का कारावास
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का फैसला
दोषी को 3.57 लाख मुआवजा भी देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में जिला सिरमौर निवासी हरजीत सिंह को दोषी करार देते हुए एक साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही शिकायतकर्ता को 3.57 लाख रुपये की राशि का एकमुश्त मुआवजा भी देना होगा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी ने प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से ऋण लिया था जिसे वह ब्याज सहित चुकाने में असमर्थ रहा। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने साल 2019 में कसुम्पटी स्थित हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से 3 लाख रुपये का ऋण लिया था। 5 वर्ष की अवधि में 60 मासिक किस्तों में ऋण चुकाने के लिए समझौता हुआ था। लेकिन आरोपी बकाया भुगतान करने में विफल रहा। 28 सितंबर 2019 को 2,15,111 रुपये का एक चेक जारी किया लेकिन बाउंस हो गया। इसके बाद 31 दिसंबर 2019 को न्यायालय में केस दायर किया था।
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दोषी को 3.57 लाख मुआवजा भी देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में जिला सिरमौर निवासी हरजीत सिंह को दोषी करार देते हुए एक साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही शिकायतकर्ता को 3.57 लाख रुपये की राशि का एकमुश्त मुआवजा भी देना होगा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी ने प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से ऋण लिया था जिसे वह ब्याज सहित चुकाने में असमर्थ रहा। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने साल 2019 में कसुम्पटी स्थित हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से 3 लाख रुपये का ऋण लिया था। 5 वर्ष की अवधि में 60 मासिक किस्तों में ऋण चुकाने के लिए समझौता हुआ था। लेकिन आरोपी बकाया भुगतान करने में विफल रहा। 28 सितंबर 2019 को 2,15,111 रुपये का एक चेक जारी किया लेकिन बाउंस हो गया। इसके बाद 31 दिसंबर 2019 को न्यायालय में केस दायर किया था।
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