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सड़क हादसों में हर साल हजार से ज्यादा की मौत

Mon, 13 Jun 2016 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा Updated Mon, 13 Jun 2016 10:31 AM IST
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one thousand people died in road accidents every year
ग्रुप ऑफ मिनिस्टर की बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। हजारों लोग जिंदगी भर के लिए अपंग भी हो रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने माना कि 2014 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 1099 व 2015 में 1096 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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इस अवधि  में 5576 और 5108 लोग घायल भी हुए। देश की कुल आबादी में देवभूमि की मात्र 0.54 प्रतिशत हिस्सेदारी है, लेकिन दुर्घटनाओं में देवभूमि सबसे अधिक पीड़ित है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह आंकड़ा डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज के शोभा सिंह सभागार में सड़क सुविधा और सुविधाजनक परिवहन पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर की तीसरी बैठक में बयान किए।
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बता दें कि सड़क सुरक्षा व सुविधाजनक परिवहन पर मंथन के मकसद से यहां देश भर के परिवहन मंत्री जुटे। मंथन से ठीक एक दिन पहले ही दाड़लाघाट निजी बस हादसे में आठ यात्रियों ने अपनी जान गंवा दी।

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सीएम ने दिए यह सुझाव

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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का स्वागत करते परिवहन मंत्री जीएस बाली। - फोटो : अमर उजाला

सड़क सुरक्षा के लिए आपात और ट्रामा सुविधाओं को करें सशक्त
पर्वतीय राज्यों में सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए बने अलग पॉलिसी
सड़क सुरक्षा ऑडिट सहित यातायात एवं सड़क प्रबंधन में सूचना प्रौद्योगिकी के और अधिक उपयोग की जरूरत
केंद्र सरकार रेल ओवर ब्रिज नीति को केवल राष्ट्रीय उच्च मार्गों तक सीमित न रखकर राज्यों को रेल ओवर ब्रिज और ग्रामीण और अन्य श्रेणी की सड़कों के लिए भी इसकी मंजूरी दे

परिवहन मंत्री बाली के सुझाव
सड़क सुरक्षा कार्य योजना बनाते समय हिमालयी राज्यों के लिए विशेष प्राथमिकता प्रदान करें
आपातकाल चिकित्सा प्रणाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और ग्रामीण संपर्क सड़कों के लिए भी बनाई जानी चाहिए
एनएच और राजमार्गों के साथ पार्किंग बनानी चाहिए, फ्लाई ओवर पर वाहनों की पार्किंग को अपराध की श्रेणी में लाया जाना चा
स्कूलों में सड़क सुरक्षा पाठ्यक्त्रस्म को शामिल करने की जरूरत

सुरक्षा उपसमिति के चेयरमैन बने जीएस बाली

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कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सीएम वीरभद्र सिंह और परिवहन मंत्री जीएस बाली।

बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।  उन्होंने 10,000 यात्री कार इकाई से अधिक यातायात वाली सड़कों को फोरलेन करने और 7,000 किलोमीटर सड़कों को विकसित करने की भारत परिमाला योजना, भारत सेतु परियोजना और ओवर बृज रेल नीति के लिए केंद्र सरकार के कदम का स्वागत किया।

इस दौरान ग्रुप आफ मिनिस्टर के अध्यक्ष एवं राजस्थान के परिवहन मंत्री यूनिस खान ने जीएस बाली की अध्यक्षता में उपसमिति गठित करने की घोषणा की। बाली इस उपसमिति के चेयरमैन होंगे। समिति सड़क सुरक्षा पर अपने सुझाव देगी। यह रिपोर्ट भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा नरेंद्र चौहान और तरुण श्रीधर ने सड़क सुरक्षा पर अपने विचार दिए।

दुर्घटना तो मालरोड पर भी हो सकती है
बैठक के बाद चीन द्वारा दुर्घटनाओं में लाई गई कमी के सवाल पर पत्रकारों को जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि चीन की तुलना हिमाचल से नहीं बल्कि भारत से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना तो माल रोड पर भी हो सकती है। अभी हिमाचल में इस तरह का वातावरण नहीं है।

ये रहे मौजूद
मंथन में झारखंड के परिवहन मंत्री सीपी सिंह, केरल एके शशिधरण, गोवा आरएम दावेलकर, कर्नाटक रामालिंगा रेड्डी, महाराष्ट्र दीपाकर राव, हरियाणा कृष्ण लाल, आंध्रप्रदेश सिद्धराघव राव, मेघालय सडीआर लिंदोह, तेलंगाना डॉ. पी मनेहर रेड्डी, मिजोरम जोन डी, बिहार के चंद्रिका राय, छतीसगढ़ के राजेश मानंद सहित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष एवं विधायक रवि ठाकुर,

केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के सचिव संजय मित्रा, केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग के सचिव जेएस  माथुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा एवं राजस्व) तरुण श्रीधर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार टीजी नेगी, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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