Shimla: बागवानों के प्रदर्शन के दूसरे दिन पुराने कार्टन में ही बिकी नाशपाती
ठियोग की पराला मंडी में बागवानों की प्रदर्शन के दूसरे दिन मंगलवार को नाशपाती पुराने कार्टन में ही बिकी।
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शिमला जिले के ठियोग की पराला मंडी में बागवानों की प्रदर्शन के दूसरे दिन मंगलवार को नाशपाती पुराने कार्टन में ही बिकी। हालांकि इस दौरान कुछ बागवान नए कार्टन (यूनिवर्सल) में भी सेब और नाशपाती लेकर मंडी पहुंचे थे। सोमवार को पराला फल मंडी में पुराने कार्टन (टेलिस्कोपिक) में नाशपाती की पेटियां न खरीदने पर बागवानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद बागवानी मंत्री के आदेश करने पर आढ़तियों ने पुराने कार्टन में नाशपाती खरीदी। मंगलवार को पराला मंडी में नाशपाती 1,200 से 1,500 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से बिकी। वहीं शहर की भट्ठाकुफर फल में भी इस दौरान करीब दो से तीन हजार पेटी नाशपाती बिकने के लिए पहुंची। 700 से 2,000 रुपये प्रति पेटी तक दाम मिले।
भट्ठाकुफर फल मंडी में नाशपती के अलावा टाइड मैन सेब की खेप भी आ रही है। मंगलवार को मंडी में 1,200 से 1,500 पेटी सेब पहुंचा था। पूरा सेब यूनिवर्सल कार्टन में पहुंचा। 600 से 1400 रुपये प्रति पेटी तक बिका। पराला मंडी के आढ़ती अनिल ने बताया कि बागवानी मंत्री के निर्देशानुसार अभी मंडी में नाशपाती पुराने और नए दोनों कार्टनों में खरीदी जा रही है। केवल सेब नए कार्टन में खरीदा जा रहा है। एपीएमसी शिमला-किन्नौर के सचिव देवराज कश्यप ने कहा कि सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार ही सभी आढ़ती और बागवान कारोबार करें। अधिसूचना के अनुसार ही यूनिवर्सल कार्टन के लिए समस्त कार्टन निर्माण कर्ताओं की सीलिंग निर्धारित की गई है।