फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   old fisheries rules will be amended after 40 year in himachal

हिमाचल के 40 साल पुराने मत्स्य पालन नियमों में होगा संशोधन

Sun, 19 Apr 2020 11:58 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 19 Apr 2020 11:58 AM IST
विज्ञापन
old fisheries rules will be amended after 40 year in himachal
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के 40 साल पुराने मत्स्य पालन नियमों में संशोधन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी  है। सरकार इन नियमों को शीघ्र संशोधित कर लागू करेगी। इससे प्रदेश के करीब 19.5 हजार मत्स्य व्यवसाय से जुड़े परिवारों को लाभ होगा। प्रदेश के मत्स्य नियम 1979 में संशोधन के बाद प्रदेश में मछली पकड़ने को नेट

विज्ञापन

का आकार बढ़ाया जा सकेगा।

अभी तक सिर्फ पांच मीटर गहरे नेटों के इस्तेमाल ही मछली पकड़ने की मंजूरी थी, लेकिन अब मत्स्य पालक आठ मीटर गहरे नेटों का प्रयोग कर पाएंगे। राज्य में पहले एक जून से 30 जुलाई तक मछलियां पकड़ने की मंजूरी दी जाती थी। अब नियमों में संशोधन के बाद मछुआरे हिमाचल में 15 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने की अवधि तय की जाएगी। वर्षों पहले तय नियमों के बाद से आज तक मौसम में बदलाव को देखते हुए यह अवधि आगे सरकाई जा रही है। सरकार ने मछली पकड़ने की फीस बढ़ाने का भी फैसला लिया है।
विज्ञापन


पिछले कई साल से पुराने नियमों के अनुसार 60 से 72 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से फीस वसूली जाती थी, लेकिन इसे अलग श्रेणी के हिसाब से यह फीस 100 से 300 रुपये तक रहेगी। उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव मत्स्य संजय गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 1979 के नियम लागू थे। इनमें संशोधन किया जा रहा है। हिमाचल में करीब हजारों परिवार मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हैं। नेटों की गहराई बढ़ाने के साथ फीस भी बढ़ाई जानी है। मछली पकड़ने के लिए 15 जून से 15 अगस्त का समय तय होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed