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Bilaspur: गोबिंद सागर झील में क्रूज, मोटर बोट्स चलाने की तैयारी, संयुक्त टीम ने किया तकनीकी निरीक्षण
Sun, 17 Sep 2023 05:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 17 Sep 2023 05:31 PM IST
सार
बीबीएमबी की एनओसी के बाद पर्यटन विभाग यहां एरिया नोटिफाई करेगा, जिसके बाद पर्यटन गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।
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निरीक्षण करती टीम।
- फोटो : संवाद
विस्तार
गोबिंद सागर झील में क्रूज, मोटर बोट्स, हाई स्पीड बोट्स और शिकारा के संचालन के लिए संयुक्त टीम ने लुहणू घाट से मंडी भराड़ी पुल तक निरीक्षण किया। अब पर्यटन विभाग भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को डीपीआर तैयार कर भेजेगा। बीबीएमबी से एनओसी मिलने के बाद इनका संचालन किया जा सकेगा। गोबिंद सागर झील में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कवायद तेज हो गई है।
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कुछ दिन पहले बीबीएमबी ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। संयुक्त टीम ने झील में तकनीकी निरीक्षण किया। टीम में अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के संयुक्त निदेशक पीसी आजाद, सहायक निदेशक पर्यटन विभाग मनोज कुमार, सीएमओ बिलासपुर प्रवीण कुमार, इंजीनियर केके रनौत, सहायक अभियंता बीबीएमबी मनोज कुमार, नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार और वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षक जमुना ठाकुर, ईशान अख्तर शामिल रहे।
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बीबीएमबी की एनओसी के बाद पर्यटन विभाग यहां एरिया नोटिफाई करेगा, जिसके बाद पर्यटन गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से झील में पर्यटन और साहसिक खेलों की गतिविधियों को बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बीबीएमबी ने विभाग से विस्तृत डीपीआर बनाने को कहा है। डीपीआर में पर्यटन गतिविधियों, जल क्रीड़ाओं के लिए आवश्यक झील के दायरे को दर्शाना होगा।
यह गारंटी भी देनी होगी की गतिविधियों की वजह से बांध को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचेगा। पर्यटन विभाग की ओर से सरकार को बजट उपलब्ध कराने का रिमाइंडर पहले ही भेजा जा चुका है। विभाग ने पहले भी डीपीआर के लिए बजट देने की मांग की थी। डीपीआर पर लाखों रुपये का खर्च होंगे। पर्यटन गतिविधियां शुरू होने से बिलासपुर के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। साथ ही झील के साथ कई धार्मिक और पर्यटन स्थल भी विकसित होंगे।
विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से गोबिंद सागर झील का तकनीकी निरीक्षण किया। बीबीएमबी को अब डीपीआर तैयार कर भेजी जाएगी। डीपीआर के लिए सरकार से बजट मांगा गया है। मंजूरी के बाद उक्त सभी गतिविधियां शुरू होंगी। - रितेश पटियाल, मंडलीय सहायक पर्यटन अधिकारी