कसौली गोलाकांड से अफसरों में दहशत, दफ्तर में बैठने को तैयार नहीं
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कसौली में होटलों में अवैध निर्माण गिराने के दौरान टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (टीसीपी) अफसर की गोली मारकर हत्या से अफसरों में दहशत का माहौल है। टीसीपी के अधिकारी अब कसौली दफ्तर में बैठकर नियमित सेवाएं देने के लिए तैयार नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कसौली में होटलों के अवैध निर्माण को ढहाने का काम जारी है। लिहाजा, मौके पर कार्रवाई के लिए बारी-बारी शिमला और सोलन से अफसरों को भेजा जा रहा है। फिलहाल कसौली दफ्तर का चार्ज जिला सोलन के टाउन प्लानर को सौंपा गया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्य कार्यालय शिमला से प्रतिदिन एक-एक कर्मचारी व अधिकारी कसौली का दौरा कर रहे हैं। अफसर मौके पर कार्रवाई करने के लिए कड़ी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। टीसीपी कार्यालय में स्टाफ की खासी कमी है। मुख्य कार्यालय समेत जिला कार्यालय में तीन से चार पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें जूनियर इंजीनियर से लेकर ड्राफ्ट्समैन तक के पद शामिल हैं।
कुल्लू-मनाली पर फैसला 11 को- कुल्लू और मनाली में भी होटलों में अवैध निर्माण किया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में इसकी सुनवाई 11 मई को होनी है। हालांकि, एनजीटी ने इस तारीख से पहले अतिक्रमण करने वाले होटल कारोबारियों की सूची सौंपने को कहा है। कसौली में हुई कार्रवाई के बाद कुल्लू-मनाली के होटल, रेस्तरां और होम स्टे कारोबारी सहमे हुए हैं।
अवैध मंजिलें सील करने का फैसला- कैबिनेट ने अवैध मंजिलों को सील करने का फैसला लिया है। फैसले में अन्य मंजिल (जिसका नक्शा पास है) उन्हें मूलभूत सुविधाएं दी जानी हैं। इसको लेकर सरकार ने लोगों से 15 दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे थे। इसी सप्ताह इसे लागू कर दिया जाएगा। कुल्लू, मनाली और कसौली में अवैध निर्माण का यह मामला कोर्ट में इससे पहले का है।
कसौली गोलीकांड से सबक, अब हथियार लेकर जाएगी पुलिस
कसौली गोलीकांड के बाद अब हिमाचल पुलिस की कार्यशैली में कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लिखित निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी अभियान या कार्रवाई के लिए तैनात होने वाले जवानों को हथियारों से लैस रखना सुनिश्चित करें। कार्रवाई छोटी हो या बड़ी, मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी जरूरी हर साजो सामान से लैस होंगे।
कसौली गोलीकांड के दौरान पुलिस कर्मियों के पास असलहा न होने और आपस में बातचीत के लिए कोई संसाधन न होने की बात सामने आई थी। इसी को देखते हुए पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी ने सभी रेंज के आईजी व जिलों के एसपी को कई तरह के निर्देश जारी किए हैं।
कहा गया है कि किसी भी अभियान या कार्रवाई से पहले वरिष्ठ अधिकारी पुलिस कर्मियों को मौके के लिए ब्रीफिंग देंगे। इसके अलावा हर पुलिस कर्मी असलहे से लैस होकर ही मौके पर जाएगा। साथ ही जितनी भी टीमें तैनात होंगी, उनके पास आपसी संवाद के लिए वाकी टॉकी होना आवश्यक होगा।
जिस क्षेत्र में अभियान चलना है, वहां मौजूद सभी असलहाधारियों के असलहों को 48 घंटे पहले ही जमा करना होगा। भीड़ को नियंत्रित करने व संवाद के लिए मेगा फोन भी साथ रखना होगा।
डीजीपी मरडी ने कहा कि हर घटना से कुछ न कुछ सीख मिलती है। कसौली गोलीकांड से भी काफी कमियों और चूक का पता चला है, जिन्हें भविष्य में न होने देने के लिए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।