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Shimla News: लावारिस कुत्तों की होगी गणना, जियो टैगिंग होगी
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लावारिस कुत्तों का आतंक कम करने की कवायद
नगर निगम ने लिया फैसला, गणना के बाद होगी नसबंदी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों की पहली बार गणना की जाएगी। यही नहीं इनकी जियो टैगिंग भी की जाएगी। शहर के किस वार्ड में कितने कुत्ते हैं, इनमें कितने मेल-फीमेल हैं, इसका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। यह रिकॉर्ड तैयार होने के बाद छह महीने के भीतर सबकी नसबंदी की जाएगी।
नगर निगम के अनुसार अभी तक शिमला शहर में कितने लावारिस कुत्ते हैं, इनमें से कितनों की नसबंदी हो चुकी है, इसका रिकॉर्ड नहीं है। शहर में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इनकी संख्या भी बढ़ रही है। इसलिए सबसे पहले इनकी गणना की जाएगी। जियो टैगिंग भी की जाएगी ताकि पता चल सके कि किस वार्ड में कितने कुत्ते हैं। इनमें मेल-फीमेल की संख्या कितनी है। नियमानुसार छोटे कुत्तों की नसबंदी नहीं की जाती। लेकिन गणना में इनका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जब यह कुत्ते बड़े होंगे तो इनकी नसबंदी सुनिश्चित की जाएगी। निगम के अनुसार अभी शहर में लावारिस कुत्तों की नसबंदी तो हो रही है लेकिन छोटे बच्चों की नसबंदी न होने से दो तीन साल बाद इनकी संख्या बढ़ रही है। ऐसे में अब सबका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि लावारिस कुत्तों की गणना करवाई जा रही है। इसके बाद इनकी नसबंदी भी की जाएगी।
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नगर निगम ने लिया फैसला, गणना के बाद होगी नसबंदी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों की पहली बार गणना की जाएगी। यही नहीं इनकी जियो टैगिंग भी की जाएगी। शहर के किस वार्ड में कितने कुत्ते हैं, इनमें कितने मेल-फीमेल हैं, इसका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। यह रिकॉर्ड तैयार होने के बाद छह महीने के भीतर सबकी नसबंदी की जाएगी।
नगर निगम के अनुसार अभी तक शिमला शहर में कितने लावारिस कुत्ते हैं, इनमें से कितनों की नसबंदी हो चुकी है, इसका रिकॉर्ड नहीं है। शहर में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इनकी संख्या भी बढ़ रही है। इसलिए सबसे पहले इनकी गणना की जाएगी। जियो टैगिंग भी की जाएगी ताकि पता चल सके कि किस वार्ड में कितने कुत्ते हैं। इनमें मेल-फीमेल की संख्या कितनी है। नियमानुसार छोटे कुत्तों की नसबंदी नहीं की जाती। लेकिन गणना में इनका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जब यह कुत्ते बड़े होंगे तो इनकी नसबंदी सुनिश्चित की जाएगी। निगम के अनुसार अभी शहर में लावारिस कुत्तों की नसबंदी तो हो रही है लेकिन छोटे बच्चों की नसबंदी न होने से दो तीन साल बाद इनकी संख्या बढ़ रही है। ऐसे में अब सबका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि लावारिस कुत्तों की गणना करवाई जा रही है। इसके बाद इनकी नसबंदी भी की जाएगी।
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