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Solan News: बद्दी यूनिवर्सिटी में नर्सिंग छात्राओं की नारेबाजी, धोखे से प्रवेश देने का आरोप
Fri, 03 Mar 2023 08:55 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)
संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 03 Mar 2023 08:55 PM IST
सार
नर्सिंग छात्राओं ने आरोप लगाया कि विवि ने धोखे से दाखिले करवाए हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से पूरे दस्तावेज न देने के कारण इंडियन नर्सिंग की संबद्धता 2021 में रद्द कर दी गई है।
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नारेबाजी करती नर्सिंग छात्राएं।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बद्दी यूनिवर्सिटी में नर्सिंग की छात्राओं ने विवि प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने प्रबंधकों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर हिमाचल काउंसिल के अलावा इंडियन काउंसिल से पंजीकृत दर्शाया है, लेकिन यूनिवर्सिटी के पास सिर्फ हिमाचल काउंसिल की ही अनुमति है, जबकि इंडियन नर्सिंग काउंसिल की अनुमति नहीं है।
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छात्राओं ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर विवि के खिलाफ नारेबाजी की। छात्राओं ने बताया कि जब नर्सिंग के दाखिले किए गए थे तो विवि ने आल इंडिया की संबद्धता होने की बात कही थी, मगर विवि के पास सिर्फ हिमाचल नर्सिंग काउंसिल की ही मान्यता है। आरोप लगाया कि विवि ने धोखे से दाखिले करवाए हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से पूरे दस्तावेज न देने के कारण इंडियन नर्सिंग की संबद्धता 2021 में रद्द कर दी गई है।
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पिछले चार वर्षों से करीब 120 छात्र-छात्राएं नर्सिंग का कोर्स कर रहे हैं, लेकिन अब उनकी परीक्षाएं नहीं ली जा रही हैं। प्रबंधक सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द परीक्षाएं नहीं ली गईं तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। छात्राओं का कहना है कि विवि अगर अपनी सही जानकारी वेबसाइट पर डालता तो उनके साथ धोखा नहीं होता। उन्होंने सरकार और प्रशासन से ऐसे संस्थान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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छात्राओं ने कहा कि प्रिंसिपल के कहने पर वे हिमाचल विवि में भी गए थे, लेकिन उन्होंने भी अभी परीक्षा लेने से मना कर दिया है। अब प्रिंसिपल भी कह रही हैं कि वह कुछ नहीं कर सकतीं। विद्यार्थी स्वयं राजनीतिक दबाव बनाकर अपना काम करवा लें। उधर, नर्सिंग ब्रांच की प्रिंसिपल उषा मेहता ने बताया कि नर्सिंग बैच शुरू होने के दौरान उनके पास हिमाचल बोर्ड की अनुमति थी और इंडियन नर्सिंग काउंसिल की अनुमति अंडर प्रोसेस थी। यह बाद में कुछ कारणवश रद्द हो गई है। इसके लिए बीच का रास्ता निकाला जा रहा है।