फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Nursery teacher training started to fulfill eligibility for pre primary teacher recruitment

हिमाचल: प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती की पात्रता पूरी करने के लिए नर्सरी टीचर ट्रेनिंग शुरू

Fri, 02 Dec 2022 12:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 02 Dec 2022 12:00 AM IST
सार

प्री प्राइमरी शिक्षकों की पात्रता को पूरा करने के लिए कई निजी शिक्षण संस्थानों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) शुरू की है। शिक्षा विभाग में बीते दो वर्षों से 4,000 शिक्षकों की भर्ती की कवायद चल रही है।

विज्ञापन
Nursery teacher training started to fulfill eligibility for pre primary teacher recruitment
शिक्षक(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले प्री प्राइमरी शिक्षकों की पात्रता को पूरा करने के लिए कई निजी शिक्षण संस्थानों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) शुरू की है। शिक्षा विभाग में बीते दो वर्षों से 4,000 शिक्षकों की भर्ती की कवायद चल रही है। इन दिनों भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाए जा रहे हैं। जनवरी 2023 से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के आसार हैं। शिक्षक भर्ती में युवाओं को शामिल करने के लिए प्रदेश के कई निजी शिक्षण संस्थानों ने सभी दस्तावेजों की जांच किए बिना नर्सरी टीचर ट्रेनिंग के कोर्स शुरू किए हैं। इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन से मंजूरी ली गई है या नहीं। इस बारे में भी संस्थानों ने एमओयू करने वाली कंपनी से पता नहीं किया। अब निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग की कार्रवाई के बाद इन संस्थानों पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है।

विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने एनटीटी का एक या दो वर्ष का डिप्लोमा करने वालों को भर्ती के लिए पात्र बनाया है। भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनने तक आउटसोर्स आधार पर भर्ती की जानी है। ऐसे में इस भर्ती में शामिल होने के लिए कई युवाओं ने इन संस्थानों में दाखिले लिए। इन युवाओं के भविष्य पर भी अब प्रश्नचिन्ह लग गया है। उधर, विनियामक आयोग ने इन संस्थानों में पहले से चल रहे अन्य कोर्स की भी जांच करने के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पत्र लिख दिया है। पहले से चल रहे कोर्स को करवाने के लिए क्या अधिकृत संस्था से मान्यता प्राप्त की गई है या नहीं। अब इस पहलु पर जांच की जाएगी। विनियामक आयोग ने एनटीटी से संबंधित जानकारी नहीं देने वाले नौ संस्थानों के खिलाफ भी अलग से जांच करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन


आयोग का फैसला अधिकारों का हनन : संतोष
एनसीएफएसई के निदेशक संतोष सूदन ने कहा है कि राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग का फैसला एनसीएफएसई और अधिकृत केंद्रों के अधिकारों का हनन करने वाला है। एमएसएमई (भारत सरकार) के उपक्रमों को चुनौती देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार के अधिकारों को चुनौती देने वाला भी है। इस निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय हिमाचल में चुनौती देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed