सचिवालय की अफसरशाही ने उलझाई इन कक्षाओं की फाइल
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2018-19 से नर्सरी कक्षाएं शुरू करने की फाइल सचिवालय की अफसरशाही ने उलझा दी है। इस सत्र से हिमाचल के करीब 280 सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू करने की योजना थी लेकिन नई सरकार के गठन के बीस दिनों बाद भी नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव शिक्षा सचिव तक नहीं भेजा गया है।
वर्तमान में यह प्रस्ताव किस अधिकारी के पास है। इसको लेकर भी सचिवालय के अफसर स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। निजी स्कूलों का मुकाबला करने और सरकारी स्कूलों में बच्चों की इनरोलमेंट बढ़ाने के लिए पूर्व सरकार ने नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया था।
जिला मुख्यालयों सहित 128 शिक्षा ब्लाकों में नर्सरी कक्षाएं शुरू की जानी थीं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों का सर्वे कर प्रस्ताव सरकार को भेजा था। इसी बीच विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
मेरे ध्यान में नहीं यह मामला
अब नई सरकार बनने के बाद यह प्रस्ताव कहां है, सचिवालय के अफसरों के पास इसकी जानकारी तक नहीं है। प्रारंभिक शिक्षा का जिम्मा संभाल रहे अफसर इस मामले को लेकर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
शिक्षा सचिव तक भी नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव नहीं पहुंचा है। पूर्व सरकार के रिव्यू किए जाने वाले फैसलों में भी इस मामले का उल्लेख नहीं है।
ऐसे में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए पूर्व सरकार के कार्यकाल में लिया गया एक अहम फैसला फंसता नजर आ रहा है। उधर, सरकार से अभी तक कोई भी जानकारी नहीं दिए जाने पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने रिमाइंडर भेजकर वरिष्ठ अफसरों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
मेरे ध्यान में यह मामला नहीं है। न ही सचिवालय के अफसरों और न ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस संदर्भ में कोई चर्चा की है। पूर्व सरकार के रिव्यू किए जाने वाले मामलों में भी नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव शामिल नहीं है। - डॉ. अरुण कुमार शर्मा, शिक्षा सचिव