{"_id":"68da68bd6685fca7f10a5218","slug":"now-treatment-of-heart-disease-will-be-available-in-chamiyana-shimla-news-c-19-sml1002-609325-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: अब चमियाना में मिलेगी हृदय रोग के उपचार की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: अब चमियाना में मिलेगी हृदय रोग के उपचार की सुविधा
विज्ञापन
आईजीएमसी से कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस विभाग पूरी तरह चमियाना स्थानांतरित, ओपीडी और इनडोर सेवाएं शुरू
अभी सर्जरी के लिए जाना पड़ रहा था आईजीएमसी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला से कार्डियोलॉजी और कार्डियो-थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग पूरी तरह से चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना शिफ्ट कर दिए हैं। इन विभागों की ओपीडी और इनडोर सेवाएं सोमवार से चमियाना में शुरू हो गई हैं। अब मरीजों को दिल संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए आईजीएमसी और चमियाना के बीच भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी बल्कि एक ही छत के नीचे ही सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी सेवाएं चमियाना में 30 मई से वैकल्पिक तौर पर शुरू की गईं थीं। यह केवल आंशिक व्यवस्था थी लेकिन अब विभाग पूरी तरह से यहां शिफ्ट होने से मरीजों को ओपीडी के साथ इनडोर वार्ड, आईसीयू और अत्यधुनिक ऑपरेशन थियेटर की सुविधा भी मिल रही है। अस्पताल नवीनतम चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से सुसज्जित है, जिससे जटिल सर्जरी और गंभीर मरीजों के उपचार में काफी राहत मिलेगी। चमियाना अस्पताल अब प्रदेश का सबसे बड़ा सुपर स्पेशलिटी हब बन चुका है। बीते साल दिसंबर से यहां छह विभागों की ओपीडी सेवाएं शुरू की गईं थीं। इसके बाद इस साल 10 मार्च से न्यूरोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी की आईपीडी सेवाएं शुरू की गईं। एक मई से यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग भी शुरू हो गए। 11 अगस्त को यहां पहली बार रोबोटिक सर्जरी शुरू की थी जिसने प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के नए युग की शुरुआत की।
आईजीएमसी में बढ़ रही थी मरीजों की भीड़ आईजीएमसी शिमला में जगह की कमी और मरीजों की बढ़ती भीड़ लंबे समय से चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से चमियाना शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। इससे न केवल आईजीएमसी का दबाव कम होगा बल्कि चमियाना आने वाले मरीजों को व्यवस्थित और आधुनिक माहौल में बेहतर उपचार मिलेगा। अब उन्हें जांच, ओपीडी, इनडोर वार्ड, आईसीयू और सर्जरी की सारी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभी सर्जरी के लिए जाना पड़ रहा था आईजीएमसी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला से कार्डियोलॉजी और कार्डियो-थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग पूरी तरह से चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना शिफ्ट कर दिए हैं। इन विभागों की ओपीडी और इनडोर सेवाएं सोमवार से चमियाना में शुरू हो गई हैं। अब मरीजों को दिल संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए आईजीएमसी और चमियाना के बीच भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी बल्कि एक ही छत के नीचे ही सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी सेवाएं चमियाना में 30 मई से वैकल्पिक तौर पर शुरू की गईं थीं। यह केवल आंशिक व्यवस्था थी लेकिन अब विभाग पूरी तरह से यहां शिफ्ट होने से मरीजों को ओपीडी के साथ इनडोर वार्ड, आईसीयू और अत्यधुनिक ऑपरेशन थियेटर की सुविधा भी मिल रही है। अस्पताल नवीनतम चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से सुसज्जित है, जिससे जटिल सर्जरी और गंभीर मरीजों के उपचार में काफी राहत मिलेगी। चमियाना अस्पताल अब प्रदेश का सबसे बड़ा सुपर स्पेशलिटी हब बन चुका है। बीते साल दिसंबर से यहां छह विभागों की ओपीडी सेवाएं शुरू की गईं थीं। इसके बाद इस साल 10 मार्च से न्यूरोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी की आईपीडी सेवाएं शुरू की गईं। एक मई से यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग भी शुरू हो गए। 11 अगस्त को यहां पहली बार रोबोटिक सर्जरी शुरू की थी जिसने प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के नए युग की शुरुआत की।
विज्ञापन
आईजीएमसी में बढ़ रही थी मरीजों की भीड़ आईजीएमसी शिमला में जगह की कमी और मरीजों की बढ़ती भीड़ लंबे समय से चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से चमियाना शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। इससे न केवल आईजीएमसी का दबाव कम होगा बल्कि चमियाना आने वाले मरीजों को व्यवस्थित और आधुनिक माहौल में बेहतर उपचार मिलेगा। अब उन्हें जांच, ओपीडी, इनडोर वार्ड, आईसीयू और सर्जरी की सारी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं।
विज्ञापन