अब बार-बार सीएम कार्यालय नहीं जाएगी तबादले की फाइल
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कोरोना संक्रमण से निपटारे की जद्दोजहद के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय का समय बर्बाद न हो, इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है कि तबादले की सभी फाइलें दूसरी बार मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं जाएंगी। जिन मामलों में एक साल का शॉर्ट स्टे कंडोन करना है, वही फाइलें सीएम कार्यालय जाएंगी। इससे किसी जगह एक साल से अधिक अवधि से सेवाएं दे रहे लोगों की फाइलों में डीओ नोट पर अगर शॉर्ट स्टे में राहत देने की बात नहीं भी लिखी गई है तो वे फाइलें दूसरी बार सीएम के पास नहीं जाएंगी। एक साल से अधिक समय से सेवाएं देने वालों के मामले में सीएम जयराम ठाकुर का एक बार का तबादला आदेश ही मान्य होगा। बेशक, उनमें शॉर्ट स्टे में राहत देने वाली बात का उल्लेख नहीं हो।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में तबादले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मंजूरी से हो रहे हैं। सामान्य तबादलों पर पहले से प्रतिबंध हैं। मंत्रियों की ओर से रूटीन के आवश्यक तबादलों के जो डीओ नोट या फाइलें सीएम कार्यालय जा रही हैं, उन पर मुख्यमंत्री एक बार ही फैसला ले लेंगे तो यह मान्य होगा। एक साल से कम स्टे वाले मामलों को ही पुनर्विचार के लिए सीएम को भेजा जाएगा। सीएम कार्यालय की ओर से यह भी साफ कहा गया है कि मंत्रियों की ओर से जो भी डीओ नोट सीएम को आएंगे, उनमें तमाम तरह की शर्तों में छूट का पहले से ही जिक्र हो, जिससे सीएम कार्यालय के समय की अनावश्यक बर्बादी नहीं होगी।