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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Now the revenue courts of the state will have to settle the cases within the stipulated time limit

Himachal: प्रदेश की राजस्व अदालतों को अब तय समय सीमा में निपटाने होंगे मामले

Tue, 25 Feb 2025 12:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 25 Feb 2025 12:11 PM IST
सार

इंतकाल, तकसीम और बंदोबस्त सहित अन्य राजस्व मामलों को निपटाने के लिए समय सीमा निर्धारित करने के लिए नियम बनाए जा रहा हैं।

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Now the revenue courts of the state will have to settle the cases within the stipulated time limit
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्व  अदालतों में चलने वाले अर्ध न्यायिक मामले भी अब निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने होंगे। इंतकाल, तकसीम और बंदोबस्त सहित अन्य राजस्व मामलों को निपटाने के लिए समय सीमा निर्धारित करने के लिए नियम बनाए जा रहा हैं। प्रदेश सरकार की ओर से गठित कमेटी ने इस पर काम शुरू कर दिया है। मार्च में नियम तैयार होने के बाद इन्हें अधिसूचित कर लागू कर दिया जाएगा। राजस्व अदालतों में अब लेटलतीफी से काम नहीं होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर मामले निपटाने के लिए सरकार नियम बना रही है।

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अब तक राजस्व अदालतों का काम हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम 1992 के नियमों के तहत होता था। भू-राजस्व अधिनियम में संशोधन के बाद अब नए सिरे से नियम बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं निर्धारित समय पर मामले नहीं निपटने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को इसका कारण लिखित में बताना होगा और लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। मौजूदा समय में निशानदेही के लिए 3 महीने का समय निर्धारित किया गया है। तकसीम के लिए प्रारंभिक 6 महीने और बाद में 3 अतिरिक्त महीने कुल 9 महीने और स्वामित्व में बदलाव इंतकाल के लिए एक महीने का समय तय है।

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भू-राजस्व अधिनियम में संशोधन के बाद अब राजस्व मामले समयबद्ध निपटाने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। मार्च माह तक इन्हें अधिसूचित कर लागू कर दिया जाएगा। राजस्व अधिकारी आम लोगों के काम लटका नहीं सकेंगे। निर्धारित समय पर मामले न निपटने की स्थिति में कारण बताना होगा और लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।- जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री

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