अब पानी से तैयार होगा ईंधन का विकल्प, प्रदूषण भी होगा खत्म
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विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल अमित
हाल ही में 2020 में जारी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में अमित कुमार को विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया है। यह रैंकिंग उनके शोधों पर आधारित है। अनुसंधान करने के लिए उन्हें डरबन (दक्षिण अफ्रीका) के क्वाजुलुनाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के रूप में आमंत्रित किया जा चुका है। उनके करीब 110 शोध प्रकाशित हो चुके हैं।
पेट्रोल की जगह होंगे हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन
शोधकर्ता के अनुसार यदि पानी के विभाजन की इस तकनीक को विकसित करें, तो प्रदूषित पानी से फैलने वाले जलजनित रोगों से बचा जा सकेगा। उद्योगों से निकला गंदा पानी दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकेगा, जिससे पानी की कमी दूर होगी। इससे निकलने वाली ऊर्जा भविष्य में काम आएगी।
पेट्रोल पंपों की तरह हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन हो सकते हैं। इस पानी के विभाजन की प्रतिक्रिया से उत्पन्न हाइड्रोजन गैस के साथ आप अपनी कार में हाइड्रोजन ईंधन सेल भर सकते हैं। लिथियम बैटरी चालित इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने में लगने वाले घंटों की तुलना में हाइड्रोजन ईंधन भरने का काम मिनटों में होगा।