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अब छकड़ैल से चलौठी, लंबीधार होकर ढली तक बनेगा फोरलेन
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शिमला। कैथलीघाट से ढली जंक्शन तक फोरलेन की अलाइनमेंट में चार किलोमीटर का बदलाव किया गया है। अब छकडै़ल से चलौठी, लंबीधार होकर ढली जंक्शन तक फोरलेन बनेगा। पुरानी अलाइनमेंट के तहत यह फोरलेन छकडै़ल से ढली तक प्रस्तावित था। लेकिन, इस क्षेत्र में आबादी और राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा के चलते पुराने अलाइनमेंट प्लान में बदलाव किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के मुताबिक 2014 में कैथलीघाट-ढली फोरलेन का अलाइनमेंट प्लान तैयार किया गया था। शुरू में जो सर्वे हुआ था, उस समय इस क्षेत्र में आबादी कम थी। लेकिन, मौजूदा समय में यहां सैकड़ों की संख्या में भवनों का निर्माण हो चुका है। इस स्थिति में फोरलेन की जद में बहुमंजिला इमारतें आ रही थीं। एनएचएआई का यह भी तर्क है कि फोरलेन की कटिंग से शिमला-कालका राष्ट्रीय मार्ग को भी खतरा बना था। ऐसे में छकडै़ल से ढली तक के चार किलोमीटर के अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है।
नई अलाइनमेंट के मुताबिक अब छकड़ैल से लंबीधार के लिए टनल बनेगी। उसके बाद पुल के माध्यम से ढली जंक्शन तक फोरलेन को जोड़ा जाएगा। वहीं, आईजीएमसी अस्पताल जाने के लिए फोरलेन को चलौठी के पास बाइफ्रकेशन से जोड़ा जाएगा। यह जानकारी एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसके शर्मा ने दी है। कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी पूरा किया जा चुका है।
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25 फरवरी को खोले जाएंगे टेंडर
कैथलीघाट-शिमला के 27.5 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कार्य दो चरणों में होगा। इस पर तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में कैथलीघाट से शराला और दूसरे चरण का कार्य शराला से मशोबरा-ढली जंक्शन तक होगा। एनएचएआई ने दोनों चरणों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। 25 फरवरी को टेंडर खुलेंगे। कैथलीघाट से ढली-मशोबरा जंक्शन तक पांच सुरंगों और 29 पुलों से होकर वाहन गुजरेंगे। इसके अलावा एक मनमोहक हेरिटेज केबल स्टे ब्रिज भी बनेगा।
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के मुताबिक 2014 में कैथलीघाट-ढली फोरलेन का अलाइनमेंट प्लान तैयार किया गया था। शुरू में जो सर्वे हुआ था, उस समय इस क्षेत्र में आबादी कम थी। लेकिन, मौजूदा समय में यहां सैकड़ों की संख्या में भवनों का निर्माण हो चुका है। इस स्थिति में फोरलेन की जद में बहुमंजिला इमारतें आ रही थीं। एनएचएआई का यह भी तर्क है कि फोरलेन की कटिंग से शिमला-कालका राष्ट्रीय मार्ग को भी खतरा बना था। ऐसे में छकडै़ल से ढली तक के चार किलोमीटर के अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है।
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नई अलाइनमेंट के मुताबिक अब छकड़ैल से लंबीधार के लिए टनल बनेगी। उसके बाद पुल के माध्यम से ढली जंक्शन तक फोरलेन को जोड़ा जाएगा। वहीं, आईजीएमसी अस्पताल जाने के लिए फोरलेन को चलौठी के पास बाइफ्रकेशन से जोड़ा जाएगा। यह जानकारी एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसके शर्मा ने दी है। कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी पूरा किया जा चुका है।
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25 फरवरी को खोले जाएंगे टेंडर
कैथलीघाट-शिमला के 27.5 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कार्य दो चरणों में होगा। इस पर तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में कैथलीघाट से शराला और दूसरे चरण का कार्य शराला से मशोबरा-ढली जंक्शन तक होगा। एनएचएआई ने दोनों चरणों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। 25 फरवरी को टेंडर खुलेंगे। कैथलीघाट से ढली-मशोबरा जंक्शन तक पांच सुरंगों और 29 पुलों से होकर वाहन गुजरेंगे। इसके अलावा एक मनमोहक हेरिटेज केबल स्टे ब्रिज भी बनेगा।