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Shimla News: जिले में अब पंचायत स्तर पर बनेंगे सत्रह बायो रिर्सोस सेंटर
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प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को मिलेगा लाभ
आवश्यक उपकरण और सामग्री की खरीद पर मिलेगा अनुदान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत जिले में पंचायत स्तर पर 17 बाॅयो रिर्सोस सेंटर बनाए जाएंगे। इनका लाभ केवल प्राकृतिक खेती में पंजीकरण करवाने वाले किसानों को मिलेगा। इन सेंटरों पर किसानों को प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाला सामान और औजार उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मिशन के तहत जिला शिमला में पंचायत स्तर पर 50 क्लस्टर बनाए गए हैं। इस मिशन के तहत 50 हेक्टेयर भूमि का एक क्लस्टर बनाया गया है। प्रति क्लस्टर में कम से कम 125 लोगों का समूह है। इसमें किसानों के जरिये ही लोगों को प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं मिशन के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री की खरीद पर अनुदान भी दिया जाएगा। इससे प्राकृतिक खेती से जैव विविधता में वृद्धि होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह खेती पारंपरिक तरीकों पर आधारित होगी जिसमें स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।प्रदेशभर में इस तरह के 90 बायो सेंटर बनाए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर 21 हजार 750 हेक्टेयर भूमि पर 435 क्लस्टर बनाए जाएंगे। इस मिशन से प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती कर रहे लाखों किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलना सुनिश्चित होगा।
कोट
जिले में 17 बायो रिर्सोस सेंटर बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ जगहों पर सेंटर बना भी चुके हैं। इसका उद्देश्य किसानों की लागत को कम करना और सुरक्षित रसायन मुक्त खाद्यान्न उपलब्ध करवाना है।
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-मोहिंद्र भवानी, उपनिदेशक, प्राकृतिक खेती विंग शिमला
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आवश्यक उपकरण और सामग्री की खरीद पर मिलेगा अनुदान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत जिले में पंचायत स्तर पर 17 बाॅयो रिर्सोस सेंटर बनाए जाएंगे। इनका लाभ केवल प्राकृतिक खेती में पंजीकरण करवाने वाले किसानों को मिलेगा। इन सेंटरों पर किसानों को प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाला सामान और औजार उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मिशन के तहत जिला शिमला में पंचायत स्तर पर 50 क्लस्टर बनाए गए हैं। इस मिशन के तहत 50 हेक्टेयर भूमि का एक क्लस्टर बनाया गया है। प्रति क्लस्टर में कम से कम 125 लोगों का समूह है। इसमें किसानों के जरिये ही लोगों को प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं मिशन के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री की खरीद पर अनुदान भी दिया जाएगा। इससे प्राकृतिक खेती से जैव विविधता में वृद्धि होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह खेती पारंपरिक तरीकों पर आधारित होगी जिसमें स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।प्रदेशभर में इस तरह के 90 बायो सेंटर बनाए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर 21 हजार 750 हेक्टेयर भूमि पर 435 क्लस्टर बनाए जाएंगे। इस मिशन से प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती कर रहे लाखों किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलना सुनिश्चित होगा।
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कोट
जिले में 17 बायो रिर्सोस सेंटर बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ जगहों पर सेंटर बना भी चुके हैं। इसका उद्देश्य किसानों की लागत को कम करना और सुरक्षित रसायन मुक्त खाद्यान्न उपलब्ध करवाना है।
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-मोहिंद्र भवानी, उपनिदेशक, प्राकृतिक खेती विंग शिमला