अब प्रदेश में बनेंगे इंसीनेटर, सेनेटरी नैपकिन का होगा निपटान
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मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन में अब गुजरात से मंगवाने की बजाय प्रदेश में अशुद्धिनाशक यंत्र बनाए जा रहे हैं। इन्हें बनाने का जिम्मा हमीरपुर के विकास खंड बमसन के सरस्वती स्वयं सहायता समूह हयोड़ ने उठाया है।
महिलाएं इंसीनेटर बनाने का प्रशिक्षण लेकर इन्हें तैयार करने में लगी हैं। इन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत इंसीनेटर बनाने का बीड़ा उठाया है। इन अशुद्धिनाशक यंत्रों में मासिक धर्म के दौरान प्रयोग किए जाने वाले सेनेटरी नैपकिन का निपटान सुनिश्चित किया जाएगा।
मासिक धर्म प्रबंधन के लिए इंसीनेटर उपलब्ध करवाने वाला हिमाचल तीसरा राज्य बना है। प्रदेश में गुजरात से ऐसे इंसीनेटर मंगवाए जाते हैं, लेकिन अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ऐसे यंत्रों का निर्माण कर रही हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला नोडल अफसर पवन बन्याल ने महिलाओं को ऐसे इंसीनेटर तैयार करने के लिए प्रेरित किया। गुजरात से जो इंसीनेटर पंचायत को करीब पांच हजार रुपये में मिलता था, वही स्वयं सहायता समूह से 4200 रुपये में मिल रहा है। स्वयं सहायता समूह ने कुछ दिनों में ऐसे 70 अशुद्धिनाशक यंत्र बेचे हैं।
हिमाचल से पहले महाराष्ट्र और गुजरात में ही अशुद्धिनाशक यंत्र दिए जाते हैं। सरस्वती स्वयं सहायता समूह हयोड़ की प्रधान रीनू बाला और सचिव सुमन कुमारी ने कहा कि महिलाएं मिलकर इन यंत्रों का निर्माण कर रही हैं। कहा कि उनके पति बिट्टू ने वेल्डर और राजमिस्त्री का डिप्लोमा किया है।
उनसे इंसीनेटर बनाने का प्रशिक्षण लिया। कोई भी पंचायत उनसे संपर्क कर यह इंसीनेटर खरीद सकती है। पीओ डीआरडीए हमीरपुर सुनील चंदेल ने कहा कि सरस्वती स्वयं सहायता समूह के प्रयास सराहनीय हैं। अब गुजरात से मंगवाने की बजाय हमीरपुर में ही यह इंसीनेटर मिल जाएंगे।