फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Now products made by Ghandal women will be sold in Delhi

Shimla News: अब दिल्ली में बिकेंगे घंडल की महिलाएं के बनाए उत्पाद

Wed, 13 May 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Now products made by Ghandal women will be sold in Delhi
चीड़ की पत्तियों और जूट के बनाए 500 उत्पादों का लगाया जाएगा स्टॉल, साबुन भी बना रही हैं महिलाएं
विज्ञापन

25 से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं बना रहीं यह उत्पाद
खास खबर
दीक्षा सरोय
शिमला। पाइन नीडल (चीड़ की पत्तियों) और जूट के उत्पादों में अलग पहचान बना चुकी जिले की महिलाएं अब अपना हुनर दिल्ली में दिखाएंगी। रसोई और खेतों तक सिमटी घंडल पंचायत की महिलाएं अब दिल्ली के हाट बाजार में खुद के बनाए उत्पाद बेच सकेंगी।

गांव की 25 से ज्यादा महिलाएं पिछले 2 महीने से हाथों से पाइन नीडल, जूट और धागों से बुने उत्पाद, साबुन के 500 से अधिक उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें टोकरी, बैग, फूलदान, कॉस्टर सेट और सजावटी सामान शामिल है जिसे दिल्ली के मार्ट में स्टॉल लगाकर प्रदर्शित किया जाएगा। मई के अंत तक यह प्रदर्शनी दिल्ली में लगेगी।
विज्ञापन


केमिकल फ्री और इको-फ्रेंडली इन उत्पादों की मांग मेट्रो शहरों में तेजी से बढ़ रही है जिससे गांव की इन महिलाओं को स्वरोजगार की नई उम्मीद जगी है। घंडल पंचायत में हेल्पिंग हैंड वेलफेयर एंड एजुकेशन संस्था से जुड़ी महिलाओं ने फरवरी में पाइन नीडल क्राफ्ट की ट्रेनिंग ली। इस दौरान मास्टर ट्रेनर सुनीता शर्मा ने 30 दिन तक इन ग्रामीण महिलाओं को चीड़ की सूखी पत्तियों से उत्पाद बनाना सिखाया। इसके अलावा चंपा देवी और पूनम बंसल ने महिलाओं को अन्य प्रशिक्षण दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब यह महिलाएं संस्था के केंद्र में उत्पाद तैयार कर रही हैं। महिला विद्या देवी ने बताया कि पहले हम इन पत्तियों को राख कर देते थे। अब उन्हीं पत्तियों से 300 रुपये की टोकरी बन रही है। समन्वयक सुनीता बंसल ने बताया कि 25 महिलाओं ने पिछले 60 दिन से समूह 500 से ज्यादा उत्पाद तैयार करने के लिए लगातार कार्य कर रहा हैं। इसमें 75 पाइन नीडल उत्पाद, 200 जूट के बैग, 50 किट और 30 ज्वेलरी सेट और 100 के करीब सजावटी धागों से बुने रबड़ और अन्य सजावटी सामान शामिल हैं। पूजा ने कहा कि पाइन नीडल की एक टोकरी बनाने में 2 दिन लगते हैं और कीमत 250 से 600 रुपये तक है। जूट बैग 150 से 400 रुपये में बिकेंगे। समूह को उम्मीद है कि दिल्ली के हाट बाजार से एक लाख रुपये के उत्पादों की बिक्री होगी।



बॉक्स
हेल्पिंग हैंड वेलफेयर संस्था के संस्थापक कपिल कुमार ने बताया कि गांवों से लेकर अब महिलाओं के विभिन्न हुनर वह बड़े शहरों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे उन्हें अपने हुनर को निखारने और निरंतर काम करने की प्रेरणा मिलेगी जिससे महिलाओं आर्थिक तौर पर मजबूत होंगी सशक्त होंगी और उन्हें नई पहचान मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article