हिमाचल प्रदेश में एंबुलेंस, दमकल, पुलिस और अन्य अधिकृत आपातकालीन वाहनों को रास्ता रोकना वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को सुगम बनाने के लिए वाहन चालकों को मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस के अनुसार, आपातकालीन वाहन को जानबूझकर रास्ता न देने या उसकी आवाजाही में बाधा डालने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194ई के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें छह महीने तक की कैद, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन वाहन को रास्ता देना केवल सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कानूनी दायित्व भी है। सड़क पर एंबुलेंस या दमकल की सायरन सुनाई देने पर वाहन चालकों को तत्काल सतर्क होकर उसके लिए सुरक्षित रास्ता बनाना चाहिए।
हिमाचल पुलिस की चेतावनी: इमरजेंसी वाहन को रास्ता नहीं दिया तो छह माह की जेल, इतने हजार लगेगा जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 03 Oct 2026 06:15 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को सुगम बनाने के लिए वाहन चालकों को मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त चेतावनी जारी की है।
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