अब पंचायत और नगर निकायों की एनओसी के बिना लग सकेंगे उद्योग
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हिमाचल में सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योग अब पंचायत या नगर निकायों से एनओसी लिए बिना ही स्थापित हो सकेंगे। ऐसे उद्योगों के लिए तीन साल तब आठ अधिनियमों में अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं होगी। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने विधानसभा में हाल ही में पारित इस बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसने अधिनियम का रूप ले लिया है। इस अधिनियम को अधिसूचित किया गया।
अभी तक इस व्यवस्था को एक अध्यादेश से लागू किया गया था। धर्मशाला में सात और आठ नवंबर 2019 को हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के बाद यह अध्यादेश लाया गया था। अध्यादेश लाने के बाद दिसंबर में धर्मशाला में हुए विधानसभा के शीत सत्र में इस बारे में बिल पेश किया गया। शीत सत्र में बिल पेश कर इसे मंजूरी को राज्यपाल को भेजा गया था इन आठ अधिनियमों में अनापत्ति प्रमाणपत्र उद्योग की स्थापना या तीन साल की अवधि पूरा होने के दौरान देना होगा।
अगर उद्योग पहले कार्यरूप में आ जाए, इसे या तो उस समय देना होगा, अगर नहीं तो इसे तीन साल में देना होगा। हालांकि, एनओसी लेने से पहले और उद्योग की स्थापना का कार्य शुरू करने से पहले ऐसे तमाम उद्योगों को विभागीय निदेशक से मंजूरी पत्र लेना होगा। यह एनओसी की तरह तीन साल या उद्योग के कार्यरूप में आने से पहले तक मान्य होगा।
तीन साल तक इन आठ अधिनियमों में नहीं लेनी होगी मंजूरी
- पंचायती राज अधिनियम 1994
- नगर निगम अधिनियम 1994
- नगरपालिका अधिनियम 1994
- अग्निशमन सेवा अधिनियम 1984
- सड़क पार्श्व भूमि नियंत्रण अधिनियम 1968
- हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक स्थापन अधिनियम 1969
- सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन अधिनियम 2006
- नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम 1977