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अब जमीन खरीद फरोख्त मामले में निवेशकों से सीधा संपर्क करेंगे किसान
Sun, 24 Nov 2019 02:13 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 24 Nov 2019 02:13 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हिमाचल में उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार किसानों और उद्योगपतियों के बीच मध्यस्थता नहीं करेगी। कृषक खुद उद्योगपतियों से जमीन खरीद मामले में बात कर सकेंगे। डील फाइनल होने के बाद प्रदेश सरकार नियमों के तहत उद्योग लगाने को मंजूरी देगी। सरकार ने राइजिंग हिमाचल साइट पर कृषकों के संपर्क नंबर और जमीन का ब्योरा दिया है। साइट पर अब जमीन के फोटो भी अपलोड किए जाएंगे। यह इसलिए कि निवेशक उद्योग लगाने के लिए पसंद की जमीन फाइनल कर सकें।
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इस साइट में 384 कृषकों ने जमीन बेचने की हामी भरी है। सबसे ज्यादा आवेदन जिला कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना से आए हैं। जिला शिमला के लोगों ने भी उद्योगों के लिए जमीन देने की हामी भरी है। उद्योगपतियों ने हिमाचल में कई कृषकों से जमीन खरीदने की बात भी की है। प्रदेश सरकार ने हिमाचल में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों से 94 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए हैं।
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यह एमओयू देश के अलावा दूसरे देशों में भी किए गए हैं। कई उद्योगपतियों ने हिमाचल में उद्योग लगाने की हामी भरी है। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार हिमाचल में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित किए जाने पर जोर दे रही है। कई निवेशकों ने प्लांट लगाने की बात कही है। उद्योग स्थापित होने से हिमाचल में युवाओं को अच्छा खासा रोजगार मिल सकेगा। लोग उद्योग लगाने के लिए जमीन देने को आगे आ रहे हैं।
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