Health Services HP: हिमाचल के 53 अस्पतालों में लागू होगा एचएमआईएस, डॉक्टर ई-प्रिसक्रिप्शन भी लिख सकेंगे
प्रदेश सरकार सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों समेत 53 स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू करने जा रही है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों समेत 53 स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू करने जा रही है। इससे अस्पतालों में इलाज करने आने वाले मरीजों के उपचार का डाटा ऑनलाइन होगा। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) एवं अस्पताल शिमला में एचएमआईएस 30 अगस्त तक शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा 30 सितंबर तक शुरू करने का लक्ष्य है। शनिवार को राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसकी जानकारी दी।
एचएमआईएस से डॉक्टरों के पास मरीज की बीमारी और इलाज के अलावा सामान्य व इमरजेंसी पंजीकरण, लैब रिपोर्ट, ऑपरेशन थियेटर के रिकॉर्ड समेत उनके डिस्चार्ज और ट्रांसफर का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इस सुविधा से डॉक्टर ई-प्रिसक्रिप्शन भी लिख सकेंगे और मरीजों का पूरा चिकित्सा इतिहास देख सकेंगे, जिससे रोगियों के साथ-साथ डॉक्टरों का समय बचेगा। सीएम ने कहा कि सरकार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा प्रदान करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। भविष्य में बनने वाले अस्पतालों में प्राइवेट रूम की संख्या बढ़ाने के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए।
श्रमिकों के दावों का समयबद्ध निपटारा करें : शांडिल
प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कल्याण बोर्ड (एचपीबीओसीडब्ल्यू) की बैठक की श्रम, स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश हाल ही में राज्य में हुई भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ के कारण संकट जैसी स्थितियों का सामना कर रहा है। राज्य के कामगार पुनर्निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रदेश सरकार श्रमिकों को कार्यस्थल पर गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। शांडिल ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि लाभार्थियों के वित्तीय दावों को समय पर मंजूरी दी जाए और इन्हें बिना किसी विलंब के समयबद्ध जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को योजनाओं के तहत दिए जाने वाले लाभों की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया जाए। इससे कामगारों को अपने कार्य बेहतर ढंग से करने में सुविधा प्राप्त होगी। बैठक में बीओसीडब्ल्यू अधिनियम-1996 के तहत मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण, लेखांकन की हाइब्रिड पद्धति को अपनाने, कंप्यूटर, फर्नीचर आदि की खरीद और रिक्त पदों को भरने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। शांडिल ने हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निगम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निगम विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करके इन समुदायों की बेहतरी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए।