पंचायत सहायक भर्ती पर कैबिनेट लेगी फैसला
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हिमाचल में पंचायत सहायकों की भर्ती मामला अब कैबिनेट में जाएगा। पंचायत सहायकों के लगभग 67 हजार आवेदनों पर फैसला अब राज्य मंत्रिमंडल ही करेगा। इसके अलावा इंटरव्यू और लिखित परीक्षा पर भी फैसला कैबिनेट ही लेगा।
हिमाचल में पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया रुकी पड़ी है। यह प्रक्रिया सैकड़ों उम्मीदवारों के आवेदनों के साथ बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर रोकी गई है। राज्य में पंचायत सहायकों के कुल 345 पदों को भरा जाना है।
हिमाचल में पंचायत सहायकों की भर्ती की प्रक्रिया अधर में अटकी पड़ी है। पंचायत सहायकों की यह भर्ती साक्षात्कारों के माध्यम से की जानी थी। इसके लिए आवेदन मांग लिए गए थे।
फर्जीवाड़े की भी आशंका
सभी 12 जिलों में लगभग 67 हजार आवेदन मिले। इनमें से सैकड़ों आवेदनों में कंप्यूटर कोर्स के डिप्लोमा और प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों के जाली होने के आरोप हैं। अभी तक इनमें से कोई आवेदन खारिज नहीं तो हुआ है।
मगर राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के ध्यान में मामला आने के बाद भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया है। राज्य पंचायती राज विभाग के सूत्रों ने बताया है कि मंत्री के आदेश पर भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।
अब भर्ती का यह मामला राज्य मंत्रिमंडल में जाएगा। वहीं, पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया के नए स्वरूप को जल्दी तय किया जाएगा। इसे जाली दस्तावेजों के मिलने के बाद ही रोकना पड़ा है।