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अब घर बैठे होगा ये काम, नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
सुरेश तोमर/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Updated Sat, 09 Apr 2016 11:48 AM IST
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उद्यमी घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। 1 अप्रैल 2016 से ऑनलाइन सिस्टम लागू हो गया है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। प्रदेश मे पहले लग चुकी इकाइयों को विस्तारीकरण पर नई इकाइयों की तरह के इंसेंटिव प्रदान करने का सरकार से आश्वासन मिला है। यही नहीं अब सरकार ने कई कागजी दस्तावेजों, इकाई के लिए मैनुअल आवेदन, पर्यावरण मंजूरी सर्टिफिकेट समेत कई औपचारिकताओं और झंझटों से निजात देने का फैसला लिया है।
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सरकार की नई नीति अनुसार अब पर्यावरण मंजूरी को पहले की तरह, पर्यावरण बोर्ड कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उद्यमी घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। 1 अप्रैल 2016 से ऑनलाइन सिस्टम लागू हो गया है। उद्योग विभाग से स्थायी और अस्थायी पंजीकरण प्रक्रिया को भारत सरकार ने बंद कर दिया है। अब, पिछले वर्ष 18 सितंबर से प्रदेश सरकार ने भी उद्योग आधार को ऑनलाइन कर दिया है।
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श्रम विभाग की मनमर्जी से किसी भी इकाई के निरीक्षण की मनमानी भी बंद होगी। अब रेंडम सेलेक्शन के आधार पर निरीक्षण होगा। इसकी पूरी रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी, जिससे निरीक्षण के बाद टीम की कार्रवाई के बारे में पारदर्शिता रहेगी। प्रदेश सरकार ने नए बजट में औद्योगिकीकरण और प्रदेशवासियों को रोजगार देने को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं।
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पहले नई इकाइयों को ही कुछ इंसेंटिव प्रदान किए जाते थे। इसलिए हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कई बार मांग उठाई थी, जिसमें पहले स्थापित इकाइयों को विस्तारीकरण पर इंसेंटिव देने, घटी हुई बिजली और सीएचटी ड्यूटी पहले के अनुरूप 1 फीसदी ही रखने की मांग की थी। ग्रीन श्रेणी की इकाइयों को 25 फीसदी और ओरेंज श्रेणी की इकाइयों को स्थापित करने के लिए 10 फीसदी छूट मिलेगी।
उधर, जिला उद्योग महाप्रबंधक सिरमौर जीएस चौहान ने पुष्टि की है। महाप्रबंधक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बजट में कई अहम फैसले लिए हैं, जिससे हिमाचल में उद्यमियों की दिक्कतें दूर कर, औद्योगिकीकरण को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए हैं।