Shimla News: पूर्व कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल की बढ़ीं मुश्किलें, एमसी ने भेजा नोटिस
राजधानी में अवैध निर्माण से जुड़े एक मामले में नगर निगम शिमला ने लखनपाल को नोटिस भेजा है।
विस्तार
सुक्खू सरकार में बागी हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्रदत्त लखनपाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजधानी में अवैध निर्माण से जुड़े एक मामले में नगर निगम शिमला ने लखनपाल को नोटिस भेजा है। उन्हें शनिवार सुबह 10:00 बजे चक्कर स्थित आयुक्त कोर्ट में होने वाली व्यक्तिगत सुनवाई में पेश होने के आदेश हुए हैं। पेश न होने की स्थिति में उनके खिलाफ इस मामले में एकतरफा कार्रवाई हो सकती है। मामला करीब दस साल पुराना है। लखनपाल का तारादेवी के समीप अपना मकान है।
निगम प्रशासन के अनुसार 6 जून 2014 को मकान में मरम्मत करवाने के लिए नगर निगम से अनुमति ली गई थी, लेकिन मरम्मत की आड़ में मकान के साथ लगती भूमि पर अवैध निर्माण किया। 3 नवंबर 2014 को इसकी शिकायत निगम को मिली जिसके बाद कनिष्ठ अभियंता ने काम रोकने के आदेश दिए थे। 7 नवंबर 2014 को निगम ने नोटिस भेजकर भवन का नक्शा पेश करने के आदेश दिए। इसके बाद 15 मई 2015 को इस पर आयुक्त कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। दस साल में अब तक इस मामले में 29 बार पेशी हो चुकी है। नगर निगम के अनुसार कुल चार लोगों को इस मामले में नोटिस भेजे गए हैं। आखिरी बार बीते साल दिसंबर में इस पर सुनवाई हुई थी। अब शनिवार को सुनवाई होनी है। निगम प्रशासन का कहना है कि यह रूटीन सुनवाई है।
सीपीएस थे लखनपाल, पत्नी थी निगम पार्षद
नगर निगम के अनुसार साल 2014 में इंद्रदत्त लखनपाल खुद कांग्रेस सरकार में सीपीएस थे। वहीं, उनकी पत्नी ऊषा लखनपाल खुद नगर निगम में कांग्रेस की पार्षद थी। नगर निगम ने अवैध निर्माण सामने आने के बाद जो पहला नोटिस भेजा था, उसे ऊषा लखनपाल ने ही रिसीव किया। हालांकि, सुनवाई में इन्होंने अवैध निर्माण से इन्कार किया है।
इस मामले में कुछ नहीं कहना: ऊषा
पूर्व पार्षद एवं इंद्रदत्त लखनपाल की पत्नी ऊषा लखनपाल से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह पुराना मामला है, उन्हें इस पर अभी कुछ नहीं कहना है।