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Shimla News: एमआईएस में सेब बेचने वाले बागवानों को नोटिस जारी, रिकॉर्ड तलब

Fri, 07 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:59 PM IST
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Notice issued to orchards selling apples in MIS, record pay
जिला प्रशासन ने एमआईएस के तहत 100 से अधिक सेब की बोरियां बेचने वाले बागवानों से मांगे जमीन संबंधी दस्तावेज
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रोहड़ू उपमंडल के कई बागवानों को भेजे हैं नोटिस
जिले के अन्य क्षेत्रों के बागवान भी जांच के दायरे में

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत अधिक मात्रा में सी-ग्रेड सेब बेचने वाले हजारों बागवान प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गए हैं। एमआईएस के तहत एचपीएमसी सेब खरीदता है और बागवानों को इसका भुगतान किया जाता है लेकिन इस बार भुगतान से पहले नोटिस मिलने से बागवान हैरत में हैं।

जिला प्रशासन ने विभिन्न उपमंडलों में एमआईएस के तहत अधिक मात्रा में सी-ग्रेड सेब बेचने वाले बागवानों को जमीन के सत्यापन के लिए नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। इनमें अधिकांश वह बागवान शामिल हैं, जिन्होंने वर्ष 2025 में एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरियां सेब की बेची हैं। प्रशासन उन्हें जमीन संबंधी दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालयों में उपस्थित होने के निर्देश दे रहा है। नोटिस मिलने के बाद बागवान संगठनों में रोष है। उनका कहना है कि रोहड़ू, जुब्बल, ठियोग समेत जिले के कई क्षेत्रों में बागवानों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसमें जिन बागवानों ने 100 से अधिक बोरियां सी-ग्रेड सेब बेची हैं, उन्हें एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालयों में भूमि संबंधी दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा है।
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प्रशासन बागवानों से आधार कार्ड, जमीन की जमाबंदी, वर्ष 2025 में खुले बाजार में बेचे सेब का विवरण तथा एमआईएस के तहत बेचे सी-ग्रेड सेब की बिक्री रसीदें प्रस्तुत करने को कह रहा है। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि यदि निर्धारित तिथि पर बागवान उपस्थित नहीं होते या आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाते हैं तो समिति प्रारंभिक जांच के आधार पर ही पात्र सेब की मात्रा का निर्धारण कर अपनी रिपोर्ट अंतिम रूप दे सकती है। बागवानों का कहना है कि एमआईएस के तहत सेब की खरीद सरकार और एचपीएमसी के कर्मचारियों द्वारा अधिकृत खरीद केंद्रों पर की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बागवानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
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नोटिस तुरंत वापस लिए जाएं : चौहान
संयुक्त किसान मंच के सह-संयोजक संजय चौहान ने कहा कि प्रशासन ने जिले के कई क्षेत्रों में एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरियां सेब बेचने वाले बागवानों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। संयुक्त किसान मंच इसका कड़ा विरोध करता है और प्रदेश सरकार से इन नोटिसों को तत्काल वापस लेने की मांग करता है। प्रशासन बागवानों को परेशान करना बंद करे और वर्ष 2024-25 तथा 2025-26 का करीब 80 करोड़ रुपये का लंबित भुगतान शीघ्र जारी करे। चौहान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नोटिस वापस नहीं लिए, तो बागवान प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



कार्रवाई रोकने का दिया आश्वासन
संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने बताया कि बागवानों को भेजे जा रहे नोटिसों के संबंध में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ चर्चा हुई है। मंत्री ने नोटिसों पर कार्रवाई रोकने का आश्वासन दिया है। यदि सरकार ने बागवानों को भेजे जा रहे नोटिस वापस नहीं लिए, तो प्रदेशभर के बागवान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
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