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जीएसटी ही नहीं- वैट के लिए भी मांग लिया बजट, केंद्र का इंकार
Fri, 11 Oct 2019 02:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 11 Oct 2019 02:27 PM IST
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जीएसटी
लोक निर्माण विभाग ने कट-पेस्ट कर वर्ष 2017 के प्रारूप में ही सड़क निर्माण की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार से जीएसटी के साथ मूल्य वर्द्धित कर (वैट) का खर्च भी मांग लिया। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को खारिज कर अब इसे नए सिरे से बनाकर दोबारा भेजने को कहा है।
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केंद्र सरकार के ग्रामीण कनेक्टिविटी डिविजन के अवर सचिव ललित कुमार ने हिमाचल सरकार के प्रधान सचिव लोक निर्माण को पत्र भेजा है। इसमें बताया गया है कि हिमाचल सरकार ने 1250 किलोमीटर लंबी सड़कों के बजाय 1552.96 किलोमीटर की डीपीआर भारत सरकार को भेजी है।
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तय सीमा 1250 किलोमीटर की ही है। इसलिए केवल इतनी ही मंजूर हो पाएगी। यही नहीं, यह भी पाया गया है कि राज्य सरकार ने डीपीआर में लागत का आकलन करते हुए इसमें जीएसटी के साथ वैट को भी शामिल किया है। भविष्य में डीपीआर में वैट का उल्लेख न करने की बात कही गई है।
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उधर, राज्य लोक निर्माण विभाग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) प्रभाग को देखने वाले मुख्य अभियंता पीसी बंदन ने कहा कि अब नई डीपीआर में केवल जीएसटी की ही गणना की जा रही है। विभाग अब केंद्र सरकार के निर्देश पर ही डीपीआर बना रहा है। केंद्र समय-समय पर इस तरह के निर्देश जारी करता रहता है।