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Shimla News: शुगर के मरीजों को नहीं मिल रही है फीकी चाय
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आईजीएमसी में मरीज झेल रहे परेशानी
अस्पताल प्रबंधन को शिकायत कर मांगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कैंटीन और कैफे किराये पर लेकर हर माह लाखों रुपये कमाने वाले संचालक शुगर के मरीजों को फीकी चाय बनाने में आनाकानी करते हैं।
आईजीएमसी में हर रोज हजारों की संख्या में लोग उपचार करवाने आते हैं। इनमें कई शुगर के मरीज भी होते हैं जिन्हें डॉक्टरों ने फीकी चाय या कम चीनी वाली चाय पीने की सलाह दी होती है। लेकिन कैंटीन संचालक एक फीकी चाय बनाने से मना कर देते हैं।
आईजीएमसी में मरीजों के तीमारदारों ने यह शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की है। मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि वह स्वयं शुगर के मरीज हैं। डॉक्टरों ने उन्हें भी मीठे वाली चाय पीने को मना किया है लेकिन तीमारदारी के दौरान जब थक हारकर कैफेटेरिया में आते हैं, तो यहां पर फीकी चाय नहीं मिलती। तीमारदार राजपाल ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन इस ओर ध्यान दें।
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अस्पताल प्रबंधन को शिकायत कर मांगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कैंटीन और कैफे किराये पर लेकर हर माह लाखों रुपये कमाने वाले संचालक शुगर के मरीजों को फीकी चाय बनाने में आनाकानी करते हैं।
आईजीएमसी में हर रोज हजारों की संख्या में लोग उपचार करवाने आते हैं। इनमें कई शुगर के मरीज भी होते हैं जिन्हें डॉक्टरों ने फीकी चाय या कम चीनी वाली चाय पीने की सलाह दी होती है। लेकिन कैंटीन संचालक एक फीकी चाय बनाने से मना कर देते हैं।
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आईजीएमसी में मरीजों के तीमारदारों ने यह शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की है। मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि वह स्वयं शुगर के मरीज हैं। डॉक्टरों ने उन्हें भी मीठे वाली चाय पीने को मना किया है लेकिन तीमारदारी के दौरान जब थक हारकर कैफेटेरिया में आते हैं, तो यहां पर फीकी चाय नहीं मिलती। तीमारदार राजपाल ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन इस ओर ध्यान दें।
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