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Himachal News: हिमाचल सरकार के इतिहास में छठी बार कैबिनेट में नहीं होंगी महिला मंत्री
Thu, 05 Jan 2023 10:37 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अनिमेष कौशल, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 05 Jan 2023 10:37 AM IST
सार
इस बार हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर एक भी महिला प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। डलहौजी से आशा कुमारी, मंडी से चंपा ठाकुर और पच्छाद से दयाल प्यारी ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार के इतिहास में छठी बार राज्य मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री नहीं होगी। वर्ष 1967, 1980, 1985 1990 और 1998 में बनी सरकारों में भी आधी आबादी की मंत्रिमंडल में भागीदारी नहीं थी। 1985 में वीरभद्र सिंह की अगुवाई में बनी कांग्रेस सरकार में विद्या स्टोक्स को विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
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1990 में भाजपा के मुख्यमंत्री शांता कुमार ने लीला शर्मा और 1998 की सरकार में मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल ने उर्मिल ठाकुर को संसदीय सचिव बनाया था। 1967 की वाईएस परमार सरकार और 1980 से 1983 तक ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में बनी सरकार में महिला विधायकों को कोई भी प्रतिनिधित्व नहीं मिला था। 1972, 1977, 1993, 2003, 2007, 2012 और 2017 में बनी सरकारों में महिलाएं मंत्री बनती रही हैं।
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इस बार हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर एक भी महिला प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। डलहौजी से आशा कुमारी, मंडी से चंपा ठाकुर और पच्छाद से दयाल प्यारी ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। हिमाचल प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या 27,37,845 है, जबकि पुरुष मतदाता 28,54,945 हैं। महिलाओं के वोट रिझाने के लिए कांग्रेस ने चुनावों के समय इन्हें प्रतिमाह 1500 रुपये देने की घोषणा की है।
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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने महिलाओं को केंद्रित करते हुए चुनाव प्रचार किया। बावजूद इसके कांग्रेस की महिला प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सकी। इस कारण सुक्खू सरकार के मंत्रिमंडल में कोई भी महिला मंत्री देखने को नहीं मिलेगी। कुल 68 विधायकों में से सिर्फ एक महिला भाजपा की टिकट पर जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से रीना कश्यप जीती हैं।
उधर, अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि मुख्यमंत्री सुक्खू मंत्रिमंडल के अलावा अन्य बड़े पदों पर कितनी महिलाओं को प्रतिनिधित्व देते हैं। विधानसभा की विभिन्न कमेटियों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व कैसे देंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को प्रदेश में अधिकांश समय महिला मंत्रियों ने संभाला है। इस विभाग को सुचारु तौर पर चलाने के लिए क्या महिला आईएएस अधिकारी को अधिक तवज्जो देंगे या नहीं। इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कौन-कौन महिलाएं कब बनी मंत्री
वर्ष मुख्यमंत्री महिला मंत्री
1972-1977 वाईएस परमार सरला शर्मा
1977-1980 शांता कुमार श्यामा शर्मा
1993-1998 वीरभद्र सिंह आशा कुमारी, विप्लव ठाकुर
2003-2007 वीरभद्र सिंह विद्या स्टोक्स, चंद्रेश कुमारी, आशा कुमारी
2007-2012 प्रेमकुमार धूमल सरवीण चौधरी
2012-2017 वीरभद्र सिंह विद्या स्टोक्स
2017-2022 जयराम ठाकुर सरवीण चौधरी