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Bilaspur News: नौ साल बाद भी शुरू नहीं हुई घुमारवीं अस्पताल की लिफ्ट, मरीज सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर
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घुमारवीं अस्पताल में रैंप और लिफ्ट न होने से मरीज को व्हीलचेयर के साथ उठाकर ले जाते परिजन। संवा
चार मंजिला ओपीडी भवन में रैंप की सुविधा भी नहीं, बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों को हो रही परेशानी
बुजुर्ग और दिव्यांगों की बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं के चार मंजिला ओपीडी भवन में लिफ्ट की सुविधा शुरू नहीं होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन का निर्माण और उद्घाटन हुए करीब नौ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन लिफ्ट आज तक मरीजों के लिए शुरू नहीं हो पाई है। भवन में रैंप की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों को दूसरी और तीसरी मंजिल पर स्थित ओपीडी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
लिफ्ट का काम पूरा करने के लिए जनवरी 2025 में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने 29 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद तकनीकी कारणों से काम लंबे समय तक रुका रहा। अब अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिफ्ट का काम दोबारा शुरू कर दिया गया है और जल्द ही मरीजों को इसकी सुविधा मिल जाएगी।
चार मंजिला ओपीडी भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल पर विभिन्न चिकित्सकों की ओपीडी चलती हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ मरीज भी शामिल होते हैं। लिफ्ट नहीं होने के कारण कई बार व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर मरीजों को सीढ़ियों के रास्ते ऊपरी मंजिल तक ले जाना पड़ता है। इससे मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परेशानी होती है। बताया जाता है कि ओपीडी भवन का उद्घाटन 21 सितंबर 2017 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने किया था। भवन निर्माण के दौरान लिफ्ट के लिए व्यवस्था रखी गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी सुविधा शुरू नहीं हो सकी।
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रैंप नहीं होने से बढ़ी दिक्कत
भवन में रैंप की सुविधा नहीं होने से समस्या और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लिफ्ट शुरू होने तक रैंप होने से व्हीलचेयर वाले मरीजों को राहत मिल सकती थी। उन्होंने लिफ्ट का काम जल्द पूरा करने और रैंप की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
कोट
लिफ्ट के लिए बजट का प्रावधान हो चुका है। तकनीकी कारणों से काम रुका था, जिसे अब शुरू कर दिया गया है। जल्द ही मरीजों को लिफ्ट की सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।
-डॉ. अनुपम शर्मा,खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
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बुजुर्ग और दिव्यांगों की बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं के चार मंजिला ओपीडी भवन में लिफ्ट की सुविधा शुरू नहीं होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन का निर्माण और उद्घाटन हुए करीब नौ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन लिफ्ट आज तक मरीजों के लिए शुरू नहीं हो पाई है। भवन में रैंप की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों को दूसरी और तीसरी मंजिल पर स्थित ओपीडी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
लिफ्ट का काम पूरा करने के लिए जनवरी 2025 में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने 29 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद तकनीकी कारणों से काम लंबे समय तक रुका रहा। अब अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिफ्ट का काम दोबारा शुरू कर दिया गया है और जल्द ही मरीजों को इसकी सुविधा मिल जाएगी।
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चार मंजिला ओपीडी भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल पर विभिन्न चिकित्सकों की ओपीडी चलती हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ मरीज भी शामिल होते हैं। लिफ्ट नहीं होने के कारण कई बार व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर मरीजों को सीढ़ियों के रास्ते ऊपरी मंजिल तक ले जाना पड़ता है। इससे मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परेशानी होती है। बताया जाता है कि ओपीडी भवन का उद्घाटन 21 सितंबर 2017 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने किया था। भवन निर्माण के दौरान लिफ्ट के लिए व्यवस्था रखी गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी सुविधा शुरू नहीं हो सकी।
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रैंप नहीं होने से बढ़ी दिक्कत
भवन में रैंप की सुविधा नहीं होने से समस्या और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लिफ्ट शुरू होने तक रैंप होने से व्हीलचेयर वाले मरीजों को राहत मिल सकती थी। उन्होंने लिफ्ट का काम जल्द पूरा करने और रैंप की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
कोट
लिफ्ट के लिए बजट का प्रावधान हो चुका है। तकनीकी कारणों से काम रुका था, जिसे अब शुरू कर दिया गया है। जल्द ही मरीजों को लिफ्ट की सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।
-डॉ. अनुपम शर्मा,खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं