आयुष्मान योजना में है आपका परिवार तो ऐसा करने पर नहीं मिलेगा इलाज
आत्महत्या की कोशिश के बाद इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में आने वाले लोगों को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिलेगा। सूबे के सबसे बड़े इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि स्वयं को नुकसान पहुंचाने को लेकर उठाए गए कदम में यह योजना लागू नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब लोगों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त उपचार के लिए स्वास्थ्य बीमा दिया गया है। केंद्र ने अब अपने आप को नुकसान पहुंचाने के बाद अस्पताल आने वालों को योजना के तहत मुफ्त उपचार देने के नियम को हटा दिया।
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने कहा कि इस तरह के मामलों में अस्पताल पहुंचे मरीजों को योजना के तहत मुफ्त सुविधा नहीं दी जाएगी। उधर, अस्पताल में उत्तराखंड के मरीजों ने उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड दिखाए तो उन्हें योजना के तहत मुफ्त इलाज से मना कर दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि यह कार्ड यहां नहीं चलेंगे। यह कार्ड केवल उत्तराखंड में ही चलेंगे। जो व्यक्ति हिमाचली है, यहां उसे ही योजना के तहत लाभ मिलेगा।