देश में हाहाकार, पर हिमाचल को नहीं मिल रहा खरीदार
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भले ही उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बिजली के लिए हाहाकार मचा हो, पर हिमाचल से कोई बिजली नहीं खरीद रहा है। विद्युत राज्य हिमाचल में रोजाना 600 मेगावाट से ज्यादा अतिरिक्त बिजली उपलब्ध है, लेकिन इसे खरीदने वाला कोई नहीं।
हिमाचल सरकार के संपर्क करने के बावजूद बिजली खरीदने के लिए राज्य आगे नहीं आ रहे। बिजली संकट से जूझ रहे यूपी के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा बिजली खरीदने को तैयार नहीं हैं।
मजबूरी में हिमाचल सरकार को बेहद कम 2.82 रुपये प्रति यूनिट की दर से उत्तरी ग्रिड में देनी पड़ रही है।
मोदी के चुनाव क्षेत्र में भी लोग बेहाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी से लेकर देश के विभिन्न इलाकों में बिजली कट से लोग बेहाल हैं। वहां राज्य सरकारें कह रही हैं कि बिजली उपलब्ध ही नहीं है, लेकिन हिमाचल इसकी पोल खोल रहा है।
हिमाचल के अफसरों ने उत्तर से दक्षिण राज्यों तक संपर्क किया, लेकिन कहीं बात नहीं बन पाई। पश्चिम बंगाल ने तो बीच में ही अपना करार तोड़ दिया।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, केरल, हरियाणा जैसे राज्य पहले ही हिमाचल से बिजली खरीद को इनकार कर चुके हैं।
सरकार ने माना नहीं बन पा रही बात
ऊर्जा निदेशक आरडी नजीम का कहना है कि बिजली बेचने के लिए तमाम राज्यों से संपर्क गया, लेकिन बात नहीं बन पाई। कई राज्यों ने तो खुद संपर्क किया, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। ऐसे में हिमाचल अपनी बिजली एक्सचेंज में दे रहा है।
उधर, पंजाब ने हिमाचल से केवल चार दिन यानी 28 से 31 मई के लिए 170 मेगावाट बिजली खरीदी है। इसके लिए भी प्रदेश को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पंजाब को हिमाचल 3.72 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच रहा है।