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Shimla News: बालुगंज के जाम का नहीं निकला समाधान, पूरा शहर परेशान
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खास
गोपाल मंदिर से बालुगंज चौक तक पीक ऑवर्स में हर रोज लगता है यातायात जाम, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी राहत नहीं
जाम से निपटने के लिए बनी है 2,200 करोड़ की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के बालुगंज में रोज पीक ऑवर्स में लगने वाले जाम की समस्या का आज तक समाधान नहीं निकल पाया है। गोपाल मंदिर से बालुगंज बाजार तक तंग सड़क के चलते हर रोज यहां वाहन जाम में फंसते हैं। कई बार यह जाम पूरे शहर की ट्रैफिक को प्रभावित कर देता है।
बालुगंज चौक को स्मार्ट सिटी के तहत चार करोड़ रुपये से चौड़ा कर जाम से राहत दिलाने का प्रयास किया है लेकिन तंग सड़क अभी तक चौड़ी नहीं की गई। शहर में यातायात जाम कम करने के लिए 2,200 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है लेकिन इसमें बालुगंज क्षेत्र शामिल नहीं है। सुबह और शाम इस चढ़ाई पर दो बड़े वाहनों के आमने-सामने आने से जाम लगना तय है। पुलिस प्रशासन इस चढ़ाई के बीच में पुलिस जवान तैनात कर बारी-बारी वाहनों को निकालकर राहत जरूर देता है लेकिन जवान तैनात न हो तो यहां जाम लग जाता है। चढ़ाई में बसों और बड़े मालवाहक ट्रकों को रोककर पास देने के लिए वाहन को पीछे लेकर जाने में जोखिम रहता है। सड़क किनारे पुलिस थाना क्षेत्र में नए सिरे से डंगा लगाया जाए और नालियां सही तरीके से बनाई जाएं तो कुछ जगह खुल सकती है। इससे नीचे की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को खड़ा होने के लिए जगह मिल सकती है।
वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवी नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्य शहर के लिए बालुगंज से ही ट्रैफिक अधिक रहता है। इसलिए प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन को बालुगंज में गोपाल मंदिर से लेकर मुख्य चौक तक लगने वाले जाम को कम करने का भी कोई समाधान निकालना चाहिए।
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सिरे नहीं चढ़ीं सड़क चौड़ी करने की योजनाएं
चढ़ाई की इस तंग सड़क को खोलने के लिए कई योजनाएं बनीं लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाईं। बालुगंज वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला को पड़ाव में शिफ्ट करने की भी योजना थी लेकिन यह ठंडे बस्ते में पड़ गई। सड़क के एक ओर निजी भवन हैं, जबकि दूसरी तरफ पुलिस थाने की भूमि है। स्कूल शिफ्ट होने से समस्या का स्थायी हल संभव है। पुराने बस अड्डे के लिए घणाहट्टी, शालाघाट, समरहिल की बसें इसी सड़क से आती हैं। सुबह के समय समरहिल के लिए चक्कर होकर बसों के ट्रैफिक को सुबह दस बजे तक किए जाने की व्यवस्था इसी जाम की वजह से की थी। बालुगंज-विधानसभा के लिए विधानसभा सत्र के दौरान या वीआईपी मूवमेंट के समय इसी सड़क से शिमला के लिए ट्रैफिक संचालित किया जाता है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है
निर्माण कार्य के हो चुके हैं टेंडर
सुबह-शाम सड़क तंग होने से जाम की समस्या रहती है। इसे कम करने के लिए फौरी तौर पर लोक निर्माण विभाग के सहयोग से करीब चार लाख रुपये की लागत से पुलिस थाने के पीछे के हिस्से में सड़क किनारे ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए नाली बनाई जानी है। इसके लिए थाने की भूमि को सुरक्षित करने के लिए डंगे का निर्माण भी किया जा रहा है। इस काम के टेंडर हो चुके हैं। इस निर्माण कार्य से थाने तक सड़क कुछ खुल जाएगी जिससे जाम से कुछ राहत मिलेगी।
-दलीप ठाकुर, नगर निगम बालुगंज वार्ड पार्षद
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गोपाल मंदिर से बालुगंज चौक तक पीक ऑवर्स में हर रोज लगता है यातायात जाम, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी राहत नहीं
जाम से निपटने के लिए बनी है 2,200 करोड़ की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के बालुगंज में रोज पीक ऑवर्स में लगने वाले जाम की समस्या का आज तक समाधान नहीं निकल पाया है। गोपाल मंदिर से बालुगंज बाजार तक तंग सड़क के चलते हर रोज यहां वाहन जाम में फंसते हैं। कई बार यह जाम पूरे शहर की ट्रैफिक को प्रभावित कर देता है।
बालुगंज चौक को स्मार्ट सिटी के तहत चार करोड़ रुपये से चौड़ा कर जाम से राहत दिलाने का प्रयास किया है लेकिन तंग सड़क अभी तक चौड़ी नहीं की गई। शहर में यातायात जाम कम करने के लिए 2,200 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है लेकिन इसमें बालुगंज क्षेत्र शामिल नहीं है। सुबह और शाम इस चढ़ाई पर दो बड़े वाहनों के आमने-सामने आने से जाम लगना तय है। पुलिस प्रशासन इस चढ़ाई के बीच में पुलिस जवान तैनात कर बारी-बारी वाहनों को निकालकर राहत जरूर देता है लेकिन जवान तैनात न हो तो यहां जाम लग जाता है। चढ़ाई में बसों और बड़े मालवाहक ट्रकों को रोककर पास देने के लिए वाहन को पीछे लेकर जाने में जोखिम रहता है। सड़क किनारे पुलिस थाना क्षेत्र में नए सिरे से डंगा लगाया जाए और नालियां सही तरीके से बनाई जाएं तो कुछ जगह खुल सकती है। इससे नीचे की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को खड़ा होने के लिए जगह मिल सकती है।
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वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवी नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्य शहर के लिए बालुगंज से ही ट्रैफिक अधिक रहता है। इसलिए प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन को बालुगंज में गोपाल मंदिर से लेकर मुख्य चौक तक लगने वाले जाम को कम करने का भी कोई समाधान निकालना चाहिए।
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सिरे नहीं चढ़ीं सड़क चौड़ी करने की योजनाएं
चढ़ाई की इस तंग सड़क को खोलने के लिए कई योजनाएं बनीं लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाईं। बालुगंज वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला को पड़ाव में शिफ्ट करने की भी योजना थी लेकिन यह ठंडे बस्ते में पड़ गई। सड़क के एक ओर निजी भवन हैं, जबकि दूसरी तरफ पुलिस थाने की भूमि है। स्कूल शिफ्ट होने से समस्या का स्थायी हल संभव है। पुराने बस अड्डे के लिए घणाहट्टी, शालाघाट, समरहिल की बसें इसी सड़क से आती हैं। सुबह के समय समरहिल के लिए चक्कर होकर बसों के ट्रैफिक को सुबह दस बजे तक किए जाने की व्यवस्था इसी जाम की वजह से की थी। बालुगंज-विधानसभा के लिए विधानसभा सत्र के दौरान या वीआईपी मूवमेंट के समय इसी सड़क से शिमला के लिए ट्रैफिक संचालित किया जाता है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है
निर्माण कार्य के हो चुके हैं टेंडर
सुबह-शाम सड़क तंग होने से जाम की समस्या रहती है। इसे कम करने के लिए फौरी तौर पर लोक निर्माण विभाग के सहयोग से करीब चार लाख रुपये की लागत से पुलिस थाने के पीछे के हिस्से में सड़क किनारे ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए नाली बनाई जानी है। इसके लिए थाने की भूमि को सुरक्षित करने के लिए डंगे का निर्माण भी किया जा रहा है। इस काम के टेंडर हो चुके हैं। इस निर्माण कार्य से थाने तक सड़क कुछ खुल जाएगी जिससे जाम से कुछ राहत मिलेगी।
-दलीप ठाकुर, नगर निगम बालुगंज वार्ड पार्षद