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Chamba News: पालकी में चार किमी दूर घर पहुंचाया पैरा स्पोर्ट्स खिलाड़ी, गांव सड़क से महरूम

Mon, 03 Apr 2023 11:37 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 03 Apr 2023 11:37 AM IST
सार

लोगों को रोजाना चार किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की दिक्कतें तब और बढ़ जाती हैं जब गांव में बुजुर्ग या गर्भवती महिला बीमार पड़ जाते हैं। मरीजों को भी पालकी के सहारे ही उठाकर सड़क तक पहुंचाने के बाद स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाना पड़ता है।

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No road connectivity in chamba village Para sports player taken in Palki to home
चंबा की कोलका पंचायत के धनवरी गांव के पैरा खिलाड़ी को पालकी में उठाकर घर लेकर जाते परिजन और ग्रामीण। - फोटो : संवाद

विस्तार

देशभर में आकांक्षी जिला चंबा का नाम रोशन करने वाले पैरा स्पोर्ट्स खिलाड़ी सुनील कुमार के गांव कोलका तक आज तक सड़क नहीं बन पाई है। सड़क के अभाव में खिलाड़ी को पालकी में उठाकर खड़ी चढ़ाई चढ़कर घर तक पहुंचाया गया। रविवार को सुनील जालंधर में आयोजित पैरा स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के फैशन शो में 15 राज्यों के मॉडलों को पछाड़ते हुए सोना जीतकर लौटे हैं। पैरा स्पोर्ट्स खिलाड़ी और ग्रामीणों को इस बात का रंज है कि 250 की आबादी को सड़क सुविधा से जोड़ने के दावे करने वाली प्रदेश सरकार अभी तक कुछ नहीं कर पाई है।

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ग्रामीणों का कहना है कि राजनेता भी महज वोट बैंक के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं। कई बार शासन-प्रशासन से इस गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की गुहार लगाई गई। बावजूद इसके अभी तक उन्हें सड़क नसीब नहीं हो पाई है। जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत कोलका के गांव धर्मरी, मझौत, मखौटखला, कलौटी, घटीट चमरकड़ी, बगला, घटैट, गली तक सड़क नहीं बन पाई है। लोगों को रोजाना चार किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों की दिक्कतें तब और बढ़ जाती हैं जब गांव में बुजुर्ग या गर्भवती महिला बीमार पड़ जाते हैं। मरीजों को भी पालकी के सहारे ही उठाकर सड़क तक पहुंचाने के बाद स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाना पड़ता है। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही दम तोड़ देते हैं। इतना ही नहीं इन गांवों को बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कोलका स्थित वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाना पड़ता है। बारिश और बरसात के दिनों में अभिभावकों को अपने बच्चों को छोड़ने और वापस लाने के लिए साथ जाना पड़ता है।
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ग्रामीणों में चमन कुमार, बलदेव कुमार, पुन्नू, कैलाशो राम, संजू, किशोरी, राजू, काकू, धर्म चंद, सौरभ कुमार, स्वरूप कुमार, विशाल कुमार, पवन कुमार ने बताया कि सड़क की ज्वलंत मांग को पूरा नहीं किया जा सका है। इसका खामियाजा क्षेत्र की 1200 की आबादी को उठाना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत कोलका के प्रधान कमलेश कुमार ने बताया कि वे उक्त गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक से भी कर चुके हैं। उधर, कार्यवाहक अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। इस बारे में जानकारी एकत्रित कर ही कुछ कहा जा सकता है।

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