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Shimla News: जाखू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में न पार्किंग न निकास व्यवस्था, लोग झेल रहे परेशानी

Wed, 28 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:59 PM IST
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No parking or exit arrangements in Jakhu Housing Board Colony; residents facing difficulties.
जाखू स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय और सड़क पर उचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं है। कॉलोनी में 80 से 90 घरों में 400 से अधिक लोग रहते हैं। कॉलोनी में पार्किंग भी नहीं है। पेश है संवाददाता अनिल पंवार की रिपोर्ट:-
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बैनमोर वार्ड के तहत जाखू स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। कॉलोनी में पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय और सड़क पर उचित ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं है।
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बंदरों का आतंक और सड़क की बदहाली भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कॉलोनी में दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने के लिए कोई दुकान तक नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी की स्थापना वर्ष 1970-71 के आसपास हुई थी। यह हिमुडा की ओर से विकसित शहर की सबसे पुरानी कॉलोनियों में से एक है। कॉलोनी में करीब 80 से 90 घर हैं, जिनमें 400 से अधिक लोग रहते हैं। शहर के प्रमुख रिहायशी क्षेत्रों में शामिल होने के बावजूद यहां के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कॉलोनी में दुकानें नहीं होने के कारण लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों का सामान खरीदने के लिए बाहर जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हिमुडा की ओर से बनाई गई दुकानें अब खंडहर हो चुकी हैं और उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। लोगों के अनुसार कॉलोनी का निर्माण करवाने के बाद हिमुडा ने भी इसकी समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। कई मकानों की हालत भी खराब हो रही है।
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लोगों ने बताया कि कॉलोनी को जाने वाली सड़क करीब डेढ़ साल बाद ठीक की गई है, लेकिन अभी भी जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बारिश के दौरान सड़क दोबारा खराब होने का खतरा बना हुआ है। कॉलोनी में एंबुलेंस जैसी बड़ी गाड़ियों के पहुंचने में भी दिक्कत होती है। कॉलोनी में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक करने के लिए कम्युनिटी हॉल और बारिश से बचने के लिए रेन शेल्टर की सुविधा नहीं है। सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि यहां शौचालय बनाया जाता है तो वह उसके रखरखाव की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं। लोगों ने मांग की है कि हिमुडा दुकानों को अपने अधीन लेकर उनकी मरम्मत करवाए या उन्हें निजी हाथों में सौंपकर उपयोग के योग्य बनाया जाए। लोगों ने कॉलोनी में सड़क की मरम्मत, पार्किंग, ड्रेनेज और सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके अलावा कॉलोनी के प्रवेशद्वार पर पहचान के लिए सूचना बोर्ड लगाने की मांग भी उठाई है। लोगों का कहना है कि जाखू जाने वाले कई वाहन गलती से कॉलोनी में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। प्रवेशद्वार पर बोर्ड लगाने से वाहन चालकों को सही दिशा की जानकारी मिल सकेगी।


कॉलोनी में डिस्पेंसरी खोली जाए
जाखू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बैनमोर हिमुडा की सबसे पुरानी कॉलोनियों में से एक है। इसका निर्माण 1970 के दशक में हुआ था लेकिन अभी तक यहां डिस्पेंसरी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई बार इसकी मांग उठाई गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
-सीपी मेहता, पूर्व अध्यक्ष, एसोसिएशन




न कम्युनिटी हॉल, न रेन शेल्टर
कॉलोनी में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की बैठक करने के लिए कम्युनिटी हॉल तक नहीं है। इसके अलावा, बारिश से बचने के लिए रेन शेल्टर की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इन सुविधाओं की मांग कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई है।

-अनूप शर्मा, लीगल एडवाइजर, आरडब्ल्यूए


सार्वजनिक शौचालय का करें निर्माण
कॉलोनी में सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही बंदरों का आतंक भी काफी अधिक है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के लिए अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

-सूरजन सिंह, पूर्व सचिव, आरडब्ल्यूए




दुकानें नहीं होने से दिक्कत
लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों का सामान खरीदने के लिए बाजार जाना पड़ता है, जिससे परेशानी होती है। हिमुडा ने यहां दुकानें बनाई थीं लेकिन अब वे खंडहर हो रही हैं और उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
-भागचंद चौहान, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
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