Apple Production Himachal: मुख्य सचिव बोले- विदेशों से सेब आयात की जरूरत नहीं, देश को आत्मनिर्भर कर सकता है हिमाचल
मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने अमेरिका से विश्व बैंक कार्यालय से वर्चुअल जुड़े अधिकारियों से कहा कि पांच साल में हिमाचल में सेब बागवानी का उत्पादन लगभग दोगुना बढ़ा है। यहां पांच से छह लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन हो रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आने वाले वक्त में विदेशों से सेब आयात की जरूरत नहीं पड़ेगी। हिमाचल प्रदेश का सेब उत्पादन देश को आत्मनिर्भर भी बना सकता है। यह बात मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने अमेरिका से विश्व बैंक कार्यालय से वर्चुअल जुड़े अधिकारियों को कही। उन्होंने कहा कि पांच साल में हिमाचल में सेब बागवानी का उत्पादन लगभग दोगुना बढ़ा है। यहां पांच से छह लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन हो रहा है। इससे यह संकेत साफ मिल रहे हैं कि भविष्य में हिमाचल में सेब का उत्पादन और भी बढे़गा। अमेरिका से वर्चुअल जुडे़ विश्व बैंक के अधिकारी बैकजॉर्ड और अन्य ने 1134 करोड़ रुपये की विश्व बैंक वित्तपोषित बागवानी परियोजना पर सरकार को पूछा है कि इसे कितना लागू किया गया है और इसमें क्या करना शेष रहता है।
मंगलवार को मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने इस संबंध में विश्व बैंक की टीम से ऑनलाइन संवाद किया। उन्होंने इस परियोजना में प्रदेश मेें अब तक किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। राज्य मेें सेब की कैसे बेहतरीन उपज ली जा सकती है। इस पर मंथन हुआ। सेब बागवानी से जुडे़ अन्य तमाम विषयों पर भी चर्चा की गई। विश्व बैंक की टीम को इस बात से भी आश्वस्त किया गया कि भविष्य में इस दिशा में बेहतरीन कार्य होंगे। बागवानी की इस परियोजना के तहत प्रदेश भर में बागवानों के कलस्टर बनाए गए हैं और उन्हें सिंचाई सुविधा देने पर भी काम हो रहा है। यह परियोजना पिछले लंबे वक्त से चल रही है। मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने कहा कि सेब बागवानी की चुनौतियों के बारे में भी इस बैठक में चर्चा की गई।