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Shimla News: डीडीयू अस्पाल में एमआरआई मशीन नहीं, मरीज हो रहे परेशान
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शहर को दो बड़े अस्पतालों में पहले से चल रही लंबी वेटिंग
मरीजों को निजी लैबों में करवाना पड़ता है एमआरआई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में एमआरआई मशीन न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में एमआरआई करवाने के लिए मरीजों की लंबी वेटिंग होने के बाद वह डीडीयू अस्पताल का रुख कर रहे हैं लेकिन अस्पताल में एमआरआई मशीन उपलब्ध न होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मजबूरी में मरीजों को एमआरआई करवाने के लिए निजी क्लीनिकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों को हजारों रुपये खर्च कर निजी लैब में एमआरआई स्कैन करवाने पड़ रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने सरकार को कई बार एमआरआई मशीन लगवाने के लिए पत्र लिखा है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। आईजीएमसी में करीब एक माह और चमियाना में एक सप्ताह की वेटिंग चल रही है। वहीं जोनल अस्पताल में भी आपातकालीन सेवाओं समेत ओपीडी से आने वाले मरीजों को एमआरआई करवाने के लिए लिखा जाता है। मरीज सरकारी सुविधा का लाभ लेने के लिए अस्पतालों के चक्कर काटते हैं तो उन्हें मायूसी हाथ लगती है।
इनसेट
अस्पताल में एमआरआई मशीन नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने उच्चाधिकारियों को एमआरआई मशीन लगाने के संबंध में लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में एमआरआई मशीन लग जाएगी।
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-डॉ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू जोनल अस्पताल
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मरीजों को निजी लैबों में करवाना पड़ता है एमआरआई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में एमआरआई मशीन न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में एमआरआई करवाने के लिए मरीजों की लंबी वेटिंग होने के बाद वह डीडीयू अस्पताल का रुख कर रहे हैं लेकिन अस्पताल में एमआरआई मशीन उपलब्ध न होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मजबूरी में मरीजों को एमआरआई करवाने के लिए निजी क्लीनिकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों को हजारों रुपये खर्च कर निजी लैब में एमआरआई स्कैन करवाने पड़ रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने सरकार को कई बार एमआरआई मशीन लगवाने के लिए पत्र लिखा है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। आईजीएमसी में करीब एक माह और चमियाना में एक सप्ताह की वेटिंग चल रही है। वहीं जोनल अस्पताल में भी आपातकालीन सेवाओं समेत ओपीडी से आने वाले मरीजों को एमआरआई करवाने के लिए लिखा जाता है। मरीज सरकारी सुविधा का लाभ लेने के लिए अस्पतालों के चक्कर काटते हैं तो उन्हें मायूसी हाथ लगती है।
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इनसेट
अस्पताल में एमआरआई मशीन नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने उच्चाधिकारियों को एमआरआई मशीन लगाने के संबंध में लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में एमआरआई मशीन लग जाएगी।
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-डॉ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू जोनल अस्पताल